मेरठ/मोदीपुरम। नरेंद्र गुर्जर के परिजनों और सपा नेता अतुल प्रधान ने सोमवार को संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता की। जिसमें 24 घंटे में उनकी मांगें पूरी न होने पर फिर से अनशन पर बैठने की चेतावनी दी। वहीं, सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर इसकी रिपोर्ट चार मई को हाईकमान को भेजेगा।
पत्रकार वार्ता में मृतक नरेंद्र के भाई जितेंद्र ने कहा कि रविवार को हुई शोकसभा में भाजपा के जन प्रतिनिधियों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने कई आश्वासन दिए थे। जिसमें आरोपी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज होने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आर्थिक सहायता और भाजपा विधायक अवतार भड़ाना द्वारा दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की 24 घंटे में मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का समय दिलाने की बात कही गई थी। लेकिन इनमें से एक भी मांग पूरी नहीं हुई। 24 घंटे गुजरने के बाद भी कोई भी कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।
सपा नेता अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक अवतार सिंह भड़ाना अपने कथन पर खरे नहीं उतरे। प्रशासन ने साजिश के तहत पीड़ित परिवार का अनशन समाप्त कराया। अगले 24 घंटे में अगर प्रशासन ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वह फिर से अनशन शुरू कर देंगे। वहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वह भाजपा विधायकों का भी बहिष्कार करेंगे।
सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने जारी निर्देशों में कहा है कि नरेंद्र की मौत के मामले में पार्टी स्तर पर जांच समिति गठित की गई है। इस कमेटी में सपा के राष्ट्रीय सचिव रमेश प्रजापति, पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, एमएलसी गाजियाबाद जितेंद्र यादव, पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद, पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह और अतुल प्रधान शामिल हैं। यह समिति पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगी। अपने स्तर से जांच करेगी। जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह इसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे। तीन मई को पार्टी कार्यालय पर जांच समिति की बैठक के बाद यह रिपोर्ट चार मई को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजी जाएगी।
दिव्यांग भी करेंगे आंदोलन
दिव्यांग रियासत अली ने बताया कि अब प्रदेश भर के दिव्यांग भी पीड़ित परिवार के समर्थन में सड़कों पर उतरेंगे। अधिकारियों के कार्यालयों का घेराव और तालाबंदी करेंगे।
न्यायिक जांच के चलते नहीं होगा मुकदमा
मेरठ। रविवार को हुई महापंचायत में जहां पुलिस अफसरों ने मवाना थाने से सस्पेंड किए गए इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया था। वहीं सोमवार को बताया गया कि न्यायिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। एसपी देहात राजेश कुमार का कहना कि नरेंद्र की मौत पुलिस कस्टडी में नहीं हुई। बल्कि जेल जाने के बाद हुई है। इंस्पेक्टर समेत तीनों पुलिस कर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले में खाना फंसने से मौत आया था। न्यायिक जांच के चलते अभी केस दर्ज नहीं किया जा सकता है।
खास बातें:
24 घंटे का दिया अल्टीमेटम, पीड़ित परिवार ने की प्रेस वार्ता
सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर देगा रिपोर्ट