मेरठ। आयकर विभाग ने बिल्डर संजीव मित्तल की 11 संपत्तियों को अटैच कर लिया है। 25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी बरामद होने के बाद यह बिल्डर आयकर विभाग के रडार पर आया था। बाद में बैनामी संपत्तियां सामने आने और आयकर रिटर्न में हुए बड़े खेल पर आयकर विभाग ने सख्त रुख अपना लिया।
दिल्ली रोड स्थित राजकमल एंक्लेव कालोनी निवासी बिल्डर संजीव मित्तल के यहां 29 दिसंबर 2017 को 25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी बरामद हुई थी। जिस पर बिल्डर ने यह तो कहा कि यह रुपये उसके नहीं हैं। लेकिन वह यह नहीं बता पाया कि ये रुपये किसके हैं। इस बीच आयकर विभाग की जांच में बिल्डर के पास आय से अधिक संपत्ति बरामद हुई। जिस पर बिल्डर ने 35 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति आयकर विभाग को सरेंडर कर दी थी। इसके बाद आयकर विभाग ने 25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी को भी बिल्डर संजीव मित्तल का माना है।
इस अघोषित संपत्ति पर आयकर विभाग ने दंड सहित आयकर लगाते हुए कार्रवाई शुरू की तो करीब दो माह पहले उनकी तीन संपत्तियों को अपने में निहित कर जांच जारी रखी। अब आगे की कार्रवाई करते संजीव मित्तल, उनकी पत्नी सीमा मित्तल और बेटे के नाम से रजिस्टर्ड 11 संपत्तियों को सीज किया है। आयकर विभाग ने मेरठ के गगोल, लिसाड़ी और मोहम्मदपुर में स्थित संपत्तियों को अपने में निहित किया है। इसमें अंतरिक्ष बिल्डर, ऋषभ हाइट, सिद्धि विला ग्रंथ बिल्डर आदि नाम से हैं। इन सभी संपत्तियों के मालिक संजीव मित्तल, उनकी पत्नी और बेटा है।
जांच अभी जारी है
बिल्डर संजीव मित्तल के यहां से बरामद दस्तावेजों की गहनता से जांच चल रही है। जांच में जो भी तथ्य पुष्ट होते रहे हैं, उसके अनुसार कार्रवाई तय होती जा रही है। अभी जांच जारी है, जिसके तहत अभी और भी कार्रवाई हो सकती है। -एमके जैन, डिप्टी डायरेक्टर, विजिलेंस आयकर विभाग
खास बातें:
- बिल्डर संजीव मित्तल के कार्यालय से बरामद हुए थे 25 करोड़ रुपये के पुराने नोट
- बिल्डर ने 35 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति की थी सरेंडर, तीन प्रॉपर्टी हो चुकीं अटैच