फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रस्तावित विकास कार्यों की जांच को पहुंची एसडीएम, कई प्रस्ताव फर्जी मिले, एसडीएम ने दो कार्यों का रदद किया

विज्ञापन
विज्ञापन
खरखौदा।
विज्ञापन

14वें वित्त आयोग के तहत खरखौदा नगर पंचायत में करीब 75 लाख रुपये के प्रस्तावित कार्य थे। विकास कार्य शुरू होने से पहले जिलाधिकारी की बैठक में प्रस्तावित विकास कार्यों की जांच के लिए सोमवार को एसडीएम सदर नगर पंचायत पहुंचीं तथा एक-एक कार्य की जांच की। जिसमें तीन कार्य के प्रस्ताव फर्जी मिले। यहां पहले ही इंटरलाकिंग हुई मिलीं। जिसमें एसडीएम ने दो प्रस्तावों को निरस्त कर दिया।
विज्ञापन

नगर पंचायत में 2017 एवं 2018 सत्र के चौहदवें वित्त आयोग व अवस्थापना विकास निधि से बैठक में करीब 75 लाख के कार्य प्रस्तावित हुए थे। जिसमें चौदहवें वित्त आयोग से एक जेसीबी, पांच निर्माण कार्य, 40 जोडे़ नीले एवं हरे कूडे़दान प्रस्तावित थे। जिसमें सभी को मंजूरी मिल गयी थी। वहीं, अवस्थापना विकास निधि से कस्बे में सात निर्माण कार्य प्रस्तावित थे। सभी कार्यों पर जिलाधिकारी की स्वीकृति होनी थी। हालांकि जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने स्वीकृति देने से पहले एसडीएम सदर निशा अनंत को सोमवार को सभी प्रस्तावों की जांच के लिए मौके पर भेजा। जिसमें चौहदवें वित्त में प्रस्ताव सभी कार्य सही मिले। वहीं, अवस्थापना विकास निधि के सात प्रस्तावों की जांच के लिए एसडीएम मौके पर पहुंचीं। उन्हें वार्ड तीन में टेकचंद के मकान से मोमराज के मकान तक का करीब 2.5 लाख रुपये के इंटरलाकिंग निर्माण प्रस्तावित थे। हालांकि उस रास्ते पर पहले से ही निर्माण कार्य हुआ था। जिसमें एसडीएम ने नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी से नाराजगी जताते हुए प्रस्ताव के बारे में पूछा, लेकिन सभी लोग एक-दूसरे की बगले झांकने लगे। जिसे एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए प्रस्ताव निरस्त कर दिया। वहीं, वार्ड दो में संजय प्रजापति के मकान से महेश के मकान का करीब ढाई लाख कार्य होना प्रस्ताव हुआ था। वहां पर भी इंटरलाकिंग का कार्य पहले से ही हुआ मिला। वहां से लोगों ने बताया कि बरसात में गली में जलभराव हो जाता है। जिसमें पहले तो एसडीएम ने आनाकानी की, लेकिन जब लोगों ने जलभराव के कारण निर्माण कार्य की मांग की तो एसडीएम ने सहमति जता दी। वहीं, जब एसडीएम वार्ड दो में नाले से देवदत्त के मकान तक करीब तीन लाख रुपये कर इंटरलाकिंग कार्य प्रस्तावित था, लेकिन यह रास्ता निजी अहाते में बनाया जाना प्रस्तावित था। इस पर पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की तथा प्रस्ताव को निरस्त कर दिया। जांच के बाद एसडीएम लौट गईं। इस मामले में एसडीएम सदर निशा अनंत ने बताया कि प्रशासन की मंशा है कि कार्य ईमानदारी से हो। जिस कारण डीएम के आदेश पर निर्माण कार्यों को स्वीकृति देने से पहले ही प्रस्तावों की जांच कराई गई है। जिसमें दो प्रस्ताव गलत पाये गए। उन्हें तत्काल निरस्त कर दिया गया है।
विज्ञापन

मुख्य बातें
खरखौदा नगर पंचायत में 14वें वित्त आयोग के तहत करीब 75 लाख रुपये के कार्य थे प्रस्तावित
डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर ने मौके पर जाकर की विकास प्रस्तावों की जांच
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें