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बिना अनुमति के ही काट दिये आम के सैकडों हरे पेड

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खरखौदा।
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पिछले तीन दिन से गांव खंदावली में बिना अनुमति के आम के सैकड़ों पेड़ काट दिये। ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो विभाग की नींद टूटी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन मामला बिना अनुमति एवं साठगांठ का होने के कारण माफिया लकड़ी को गाड़ियों में लादकर भाग गया। मामला बढ़ता देख वन विभाग की टीम ने लकड़ी माफिया एवं खेत स्वामी आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एनजीटी ने एनसीआर समेत पूरे क्षेत्र में बढ़ रहे प्रदूषण के लिए पहले ही चेतावनी दी है। जहां एनजीटी ने हॉट मिक्स प्लांट, मीट प्लांट समेत सभी पर तलवार लटका दी थी। इसके बावजदू वन विभाग कटान के लिए धड़ाधड़ अनुमति देने में लगी हुई है। खरखौदा क्षेत्र में करीब एक माह में अब तक हजारों आम के हरे पेड़ काटे जा चुके हैं। गांव खंदावली में लकड़ी माफिया पिछले तीन दिन से आम के सैकड़ों पेड़ों को धराशायी कर दिया है। हालांकि वन विभाग की टीम जानकारी होने से इनकार कर रही है। ग्रामीणों ने इस मामले में पुलिस एवं वन विभाग के क्षेत्रीय दरोगा को जानकारी दी तो दोनों विभागों ने ऐसी किसी सूचना से इनकार कर दिया। इस पर ग्रामीणों ने मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक ललित वर्मा से फोन पर सूचना दी तो अधिकारी ने कटान की अनुमति से इनकार कर दिया। वहीं, मुख्य वन संरक्षक ने क्षेत्रीय वन विभाग की टीम से मामले की जानकारी ली। अधिकारियों का दबाव पड़ने करीब पांच घंटे बाद वन विभाग के दरोगा सुरेंद्र शर्मा अपने साथी के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि सेटिंग के चलते वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। लकड़ी माफिया अपने सभी वाहन लेकर वहां से फरार हो गये। बाद में वन विभाग के दरोगा की ओर से लकड़ी माफिया सुशील पुत्र रमजानी निवासी कांशी परतापुर, खेत स्वामी गांव खंदावली निवासी सुशील एवं भूपेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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महज 27 पेड़ों का कटान दर्शाया
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की टीम ने रिपोर्ट दर्ज कराने में भी खेल कर दिया है। तीन दिन में सैकड़ों पेड़ काटे जा चुके हैं, लेकिन वन विभाग की टीम ने केवल 27 पेड़ ही कटे दर्ज कराए हैं।
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अवैध रूप से चल रही हैं दर्जनभर आरा मशीनें
क्षेत्र के करीब 43 गांवों में से महज एक आरा मशीन के पास ही वन विभाग की अनुमति है, लेकिन खरखौदा कस्बा में चार आरा मशीन, धीरखेड़ा में तीन, गांव अजराड़ा में दो, अटौला में एक, जाहिदपुर में चार मशीन चल रही हैं। वन विभाग की टीम को इन आरा मशीनों के बारे में भी जानकारी नहीं है। इस मामले में डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि कटान की शनिवार को जांच कराई जाएगी। वहीं, क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही आरा मशीनों पर भी आरएसएस के कार्यक्रम के बाद कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
मुख्य बातें
वन विभाग अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कटाने के बारे में अनभिज्ञता जताई
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