मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक में सात सूत्रीय प्रस्ताव पारित किए गए। जिनमें मुख्य रूप से पउप्र के सभी वकीलों का 26 फरवरी तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने और 26 फरवरी को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया दिल्ली में प्रेस वार्ता करने का निर्णय लिया गया। इस वार्ता में पश्चिम के सभी सांसदों को समर्थन के लिए बुलाया जाएगा। तय हुआ कि जो सांसद वार्ता में नहीं शामिल होगा तो उसके विरुद्ध उसके गृह जिले में हल्ला बोला जाएगा।
केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन रोहिताश्व कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में मेरठ बार एसोसिएशन के पं. नानक चंद सभागार में आयोजित बैठक का संचालन संयोजक प्रबोध कुमार शर्मा ने किया। बैठक में कहा गया कि महाराष्ट्र की जनसंख्या 12 करोड़ है। जहां पहले से ही मुंबई में हाईकोर्ट तथा नागपुर और औरंगाबाद में हाईकोर्ट बेंच स्थापित है। लेकिन उसके बावजूद भी कोल्हापुर में केंद्र सरकार द्वारा हाईकोर्ट बेंच की स्थापना कर दी गयी है। जबकि उत्तर प्रदेश की आबादी करीब 22 करोड़ है और एक हाईकोर्ट बेंच स्थापित है जबकि उप्र में महाराष्ट्र से ज्यादा वाद भी लंबित है। 40 साल से आंदोलन के बावजूद पउप्र में बेंच की स्थापना नहीं की गई। बैठक में मेरठ बार के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्रपाल सिंह, पूर्व मंत्री चौ. राजपाल सिंह, गजेंद्र सिंह धामा, पूर्व महामंत्री रामकुमार शर्मा व संजय शर्मा, अजय त्यागी, महेंद्रपाल शर्मा, सुभाष त्यागी, डीडी शर्मा, कुंवर राजपाल सिंह, सतीश चंद गुप्ता, पीतांबर त्यागी, सुधीर पंवार, गजेंद्र सिंह जानी, उदयवीर सिंह राणा आदि मौजूद रहे।
यह प्रस्ताव पारित
- सोमवार 19 फरवरी से 26 फरवरी तक पउप्र के सभी जिलों व तहसील में अधिवक्ता न्यायालयों में न्यायिक कार्यों से पूर्ण रूप से विरत रहेंगे।
- प्रत्येक दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कर्मिक अनशन पर रहेंगे। अपने संबंधित जिले से डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री, विधिमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे।
- हड़ताल के दौरान तहसील और मुख्यालयों पर रजिस्ट्री कार्यालय व कोषागार में तालाबंदी होगी।
- 22 फरवरी को पउप्र के सभी जिला व तहसील बार अपने क्षेत्रों में जागरूकता रैली निकालेंगे।
- 23 फरवरी को अपने-अपने जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग को टोल फ्री करेंगे।
- 26 फरवरी को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रेसवार्ता में पश्चिम के सभी जनपदों के बार एसोसिएशन के पदाधिकारी अपने क्षेत्र के सांसद को लेकर पहुंचेंगे।
खास बातें:
पउप्र में हाईकोर्ट बेंच आंदोलन का मामला
26 फरवरी को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया दिल्ली में करेंगे प्रेस वार्ता
पश्चिम का जो सांसद प्रेस वार्ता में नहीं पहुंचेगा, उसके यहां हल्ला बोल