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हत्यारे को 35 साल बाद उम्रकैद, तीन आरोपी दोषमुक्त

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मेरठ। थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के सुनील हत्याकांड में स्पेशल जज ईसी एक्ट प्रमोद कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय ने एक हत्यारे को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया गया।
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वादी दया प्रकाश पुत्र लक्ष्मी नारायण निवासी बहसूमा ने 20 जून 1983 को ग्राम लावड़ के ओमप्रकाश शर्मा प्रधानाचार्य के यहां से उनके यहां बारात आयी हुई थी। रात करीब 8:30 बजे बाजार वाले मंदिर के पास किसी व्यक्ति से अचानक गोली चल गयी। जो बारात के एक लड़के सुनील को लगी। जिसे अन्य बाराती अस्पताल ले गये। लेकिन अस्पताल ले जाते समय घायल सुनील की मौत हो गयी।
इस मामले में राजकुमार उर्फ राजू पुत्र शिव नारायण, कुलदीप पुत्र रामबीर, शिवओम पुत्र खजांची तथा संजीव कुमार पुत्र ओमप्रकाश निवासी कस्बा लावड़ थाना इंचौली के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। इस मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट प्रमोद कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय में की गई। जहां पर सरकारी वकील धर्मवीर सिंह तोमर ने जहीरुद्दीन, जय प्रकाश, हसन रजा तथा डॉ. नीरज रस्तौगी, अनिल कुमार गुप्ता सहित सात गवाहों को पेश किया। जिनके बयानो के बाद न्यायालय ने संजीव कुमार पुत्र ओमप्रकाश को सुनील की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा व अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं इस मामले में तीन आरोपियों राजकुमार उर्फ राजू, कुलदीप व शिवओम को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। एक आरोपी ओमप्रकाश शर्मा जिसकी पिस्तौल से गोली चली थी, उसकी मुकदमे के विचारण के दौरान मृत्यु हो गयी।
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