स्वयंसेवकों ने किया रक्तदान के प्रति जागरूक
सरूरपुर। चौधरी बशीर खां महाविद्यालय द्वारा कस्बा हर्रा में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों और स्वयं सेविकाओं ने कस्बे के लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम अधिकारी दिलशाद अली ने बताया कि रक्तदान करने से किसी तरह की कमजोरी व खून की कमी नहीं होती है। शिविर के पहले दिन स्वयं सेवकों को राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना और उद्देश्यों के बारे में बताया। एनएसएस के माध्यम से समाज में जागरुकता फैलाने के लिए अभियान चलाया जाता है। स्वेच्छा से रक्तदान के माध्यम से किसी इंसान की जान बचाई जा सकती है। इस दौरान मोहित कुमार, शहरीन, उमामा, आलिम, शशांक, खतीजा, संचित आदि ने सहयोग किया।
स्वयंसेवकों ने निकाली साक्षरता रैली
परीक्षितगढ़। गांव चितमाना शेरपुर स्थित राष्ट्रीय सेवा योजना की द्वितीय इकाई के दूसरे दिन स्वयं सेवकों ने कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विरेंद्र कुमार के नेतृत्व में जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाचार्य लीलापत व कालेज स्टाफ का सहयोग रहा। स्वयंसेवकों ने टोलियां बनाकर ग्राम चितमाना में साक्षरता रैली निकाली। स्लोगन लिखकर लोगों को अक्षर ज्ञान दिया। इसके बाद बौद्धिक सत्र में स्वयं सेवकों ने एक दूसरे से शिविर के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रम की जानकारी दी। डॉ. विरेंद्र कुमार, डॉ. बाबूराम, सौरभ कुमार के अलावा सोनू नागर, अंकाक्षा, संजय मावी छात्रों का योगदान रहा।
परीक्षितगढ़। परीक्षितगढ़ को तहसील बनाने के लिए अखिल विद्या समिति के सदस्यों ने लोगों के समर्थन के लिए जनसमर्थन हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया और लोगों से तहसील बनाने के लिए सुझाव मांगे। समिति अध्यक्ष विष्णु अवतार रूहेला ने बताया कि परीक्षितगढ़ को तहसील का दर्जा मिलना चाहिए। जिसके लिए एक मांग पत्र प्रदेश सरकार को भेजा गया है। वही समिति क्षेत्रीय सांसद, विधायक व संबंधित अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए है। जनता के सहयोग के लिए विशाल जनसंपर्क अभियान शुरू किया जा रहा है। लोगों के समर्थन और सहयोग प्राप्त कर तहसील बनाने के सभी मानक पूरे किए जाएंगे। चुने गए प्रभारियों ने हस्ताक्षर अभियान में सहयोग करने की अपील की। कृष्ण गोपाल शर्मा, श्यामसिंह महलवार, सुमित, नरेंद्र शर्मा, संतराम सैनी, जगमोहन लाल, किशोर बाल्मीकि, नौशाद, अनिल गुप्ता, धर्मवीर सिंह, मुसीर अहमद, संजय शर्मा, श्रीभगवान, राजेंद्र, महावीर सिह आदि का सहयोग रहा।