अब महिला बंदियों की क्लास लेंगी शिक्षिका
मेरठ। देशभर की जेलों में महिला बंदियों के सुधार के लिए राजकीय विधित प्राधिकरण ने अच्छी पहल की है। महिला बंदियों की जेल में जाकर शिक्षिकाएं क्लास लेगी। डॉक्टरों की टीम चेकअप करने में लगी है। मनोवैज्ञानिक भी जेल में जाकर महिला बंदियों की मानसिकता के बारे में जानकारी लेंगे। बताया गया कि यह अभियान जेलों में दस दिन तक चलेगा।
जेल में 116 महिला निरुद्ध
चौधरी चरणसिंह जिला कारागार मेरठ में 116 महिला बंदी है। जेल वरिष्ठ अधीक्षक बीडी पांडेय का कहना है कि महिला बंदियों की काउंसलिंग कराने के लिए पहली बार ऐसी पहल हुई है। महिला बंदी अक्सर तनाव में होती है। जिनकी काउंसलिंग होना बेहद जरूरी था। इससे पहले महिला बंदियों की काउंसलिंग नहीं होती थी। जिसके चलते वह जेल में खाना भी नहीं खाती थी।
11 बच्चों का जेल में बचपन
मेरठ जेल में 11 बच्चों का बचपन कट रहा है। बताया जा रहा है कि महिला बंदी के साथ छह साल के बच्चे जेल में रहते है। दहेज हत्या, पति की हत्या समेत ऐसी 11 महिलाएं जेल में है। उनके साथ उनके बच्चे भी जेल में रहने को मजबूर है। इन बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था बनाई है। राजकीय विधित प्राधिकरण ने इन बच्चों हेल्थ चेकअप, खाने पीने के साथ-साथ पढ़ने की भी प्लानिंग बना रहे है।
तनाव से मुक्ति के लिए बना प्लान
राजकीय विधित प्राधिकरण के द्वारा जेल में बंद महिलाओं को तनाव से मुक्त रखने के लिए यह प्लान बनाया गया है। महिला बंदियों को पढ़ाने के लिए जिला विद्यालय से विशेषज्ञ महिला शिक्षिकाओं के 26 मई को भेजने की बात कही गई है। जिला विधायक निरीक्षक गिरजेश कुमार चौधरी ने बताया कि शिक्षिकाओं की एक टीम बनाई है। जेल में महिला बंदियों के बारे में जानकारी ली जाएगी। पढ़ी लिखी महिला बंदी जेल में अन्य बंदियों को पढ़ाती है, उनको पढ़ाने के गुर बताएंगी।
खास बातें:
राजकीय विधित प्राधिकरण के तहत लगा कैंप
मनोवैज्ञानिक भी बंदियों की करेगी काउंसलिंग