मेरठ। मायाराम की माया जीवजगत के प्राणी मात्र को चकमा देती है, वहीं स्वयं परब्रह्म भी उस माया के शिकार हो जाते हैं। मायाराम अपनी चालबाजी से बीमार गाय का दान कर ब्राह्मण को मूर्ख बनाता है। ब्रह्मा जी से वरदान लेकर नरक के दुख से छुटकारा पा लेता है। मायाराम की इसी चतुराई और मूर्ख बनाने की कला ने दर्शकों को खूब हंसाया। रविवार को हास्य नाटक मायाराम की माया का मंचन हुआ। यूनाइटेड प्रोग्रेसिव थियेटर एसोसिएशन (उप्टा) की ओर से एक दिवसीय नाट्य समारोह हुआ।
डीएन डिग्री कॉलेज के प्रेक्षागृह में उप्टा कलाकारों ने नाटक मायाराम की माया का मंचन किया। रविवार को आयोजित नाट्य समारोह का शुभारंभ डॉ. मेराजुद्दीन, पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. केके शर्मा, डीएन डिग्री के प्राचार्य डॉ. बीएस यादव रहे। नाटक में सुरेंद्र शर्मा, सीमा समर, डॉ. अलका वशिष्ठ, अनुराग पाठक, संजीव यंश, प्रहलाद सिंह, अनुराग, जतिनन, अनिल शर्मा, राशिद यूसुफ, शादाब, भारत भूषण शर्मा, जतिन कुमार, अनुभव भूपियान व मनोज कुमार गौतम ने अभिनय किया। संगीत हेमंत गोयल, प्रकाश एसएन वत्स का रहा। मंच सज्जा आबिद व साजिद की रही। नाटक का निर्देेशन भारत भूषण शर्मा ने किया। लेखक जयवर्धन रहे। इस अवसर पर डॉ. असलम जमशेदपुरी, डॉ. शिवचरण शर्मा मधुर, सुरेंद्र कौशिक, महेश कुमार त्यागी, दिनेश चौहान, सलीम अख्तर सिद्दकी, अंकुर गौतम, शांति वर्मा, ज्ञान दीक्षित, डॉ. आसिफ अली, डॉ. शादाब अली, अनिरुद्ध गोयल, मनेश जैन, इमरान सिद्दकी, रमा नेहरू, मुनेश त्यागी, आबिद रिजवी, प्रदीप शर्मा, राजेश भारती, डॉ. स्नेहवीर पुंडीर उपस्थित रहे। संचालन संस्था महासचिव विनोद कुमार बैचेन ने किया।