करीब तीन वर्ष पूर्व फलावदा आगमन पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समस्या के मद्देनजर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील कराकर सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि आज भी हालात जस के तस हैं। स्थानीय लोगों को सुविधा के नाम पर कुछ भी हासिल नहीं हुआ है।
तीन वर्ष पूर्व सपा नेता अतुल प्रधान द्वारा तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव की जनसभा फलावदा कस्बे में कराई गई थी। इसका आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रांगण में हुआ था। जिसमें अखिलेश यादव ने क्षेत्र के लोगों को आश्वासन दिया था कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को शीघ्र ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देकर चिकित्सा सेवा को बेहतर बनाया जाएगा। हालांकि तीन वर्ष बीतने के बाद भी पीएचसी की हालत में सुधार नहीं हुआ है। इसके चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के आवासीय भवन जर्जर अवस्था में हैं। चिकित्सा के नाम पर यहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। यहां पर चिकित्सक, वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मचारी, एएनएम और सुपरवाइजर एक-एक तैनात हैं। पीएचसी में जननी सुरक्षा के लिए भी कोई सुविधा नहीं है। आयुर्वेदिक चिकित्सक का पद तो है, लेकिन आज तक तैनाती नहीं की गई है। महिला चिकित्सक भी नहीं है। मोहल्ला जोगियान में बना उप केंद्र बीते एक दशक से बंद है। पीएचसी पहुंची कस्बा निवासी बबीता का कहना है कि यहां खांसी, जुकाम और बुखार के अतिरिक्त कोई और सुविधा नहीं है। कस्बा निवासी बबलू का कहना है कि यहां बीमारियों का इलाज उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को दूसरे शहरों में भटकना पड़ता है। चेयरमैन अब्दुस समद का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करके बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जिससे मरीजो को प्राइवेट चिकित्सक अथवा दूसरे स्थानों पर न भटकना पडे़। वहीं, पीएचसी प्रभारी डा. अमित का कहना है कि सीएचसी बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। इसके लिए कुछ धनराशि का आवंटन हो चुका है। सीएचसी के लिए कार्य शुरू होने वाला है।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने तीन वर्ष पूर्व पीएचसी को सीएचसी में तब्दील कर सेवा बेहतर करने का दिया था अश्वासन
कस्बा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र बीते दस वर्ष से पड़ा है बंद, मरीज दूसरे शहरों में भटकने के लिए मजबूर