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मजलिसों का आयोजन।

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मवाना।
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मुहर्रम की आठ तारीख को मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। कई जगह पर अलम उठाए गए और अलम के जुलूस बरामद हुए।
मुहर्रम की आठ तारीख को पहली मजलिस इमाम बारगाह दरबारे हुसैनी में सुबह 8 बजे हुई। जिसमें मरसिया ख्वानी शबीह अब्बास उर्फ कल्लन मियां ने की। इसके बाद इमाम बारगाह कोटला में एक मजलिस हुई। इसके बाद नमाजे जुमा अहमद अली साहब के यहां हाजरी न्याज का अहतमाम हुआ। जहां पर सोगवारों ने शिरकत की। बाद न्याज एक मजलिस इमाम बारगाह सै. नवाब हसन के यहां एक मजलिसे अजा हुई। जिसमें मरसिया ख्वानी मास्टर सरूर इकबाल ने की और मिम्बर से आली जनाब मौलाना अजहर जैदी ने फजायल एवं मसायब हजरत अब्बास अलै. बयान किए। हजरत अब्बास करबला में इमाम हुसैन की फौज के अलमबरदार थे।
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रात में पहली मजलिस इमाम बारगाह कोटला में हुई। इसके बाद एक मजलिस इमाम बारगाह खैरात अली में हुई। एक मजलिस इमाम बारगाह अबू तालिब अलै. मोहल्ला तिहाई में हुई। जहां पर बाद में मजलिस शहीबे ताबूत हजरत अब्बास अलै. बरामद हुई। जिसकी सोगवारों ने जियारत की। यहां पर मिम्बर से आली जनाब मौलाना वशारत हुसैन ने खिताब किया। 8 तारीख होने की वजह से कई जगह पर अलम उठाए गए और अलम के जुलूस बरामद हुए। अलमे हजरत अब्बास अलै. का बड़ा जुलूस रात में पारे मियां के मकान से शुुरू हुआ जो इमाम बारगाह तिहाई पर पहुंचकर खत्म हुआ। जुलूस में अंजुमने खैरात अली कोटला, अंजुमने दस्ता ए अब्बासिया शाहपुर गढ़ी तथा अंजुमने हुसैनी तिहाई ने शिरकत की और मातमपुर्सी करते हुए नोहाख्वानी की। उधर, नंगला चांद में आज जुलूसे जुलजनाह बरामद हुआ। जो इमाम बारगाह डा. मौ. अली से शुरू होकर मस्जिद पर जाकर खत्म हुआ।
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मुख्य बातें
मुहर्रम की आठ तारीख को कई जगह अलग उठाए गए
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