पीलपीखेड़ा में स्थित है प्लांट, परिजनों ने फैक्ट्री मालिक पर लगाया हत्या का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा।
गांव पीलपीखेड़ा स्थित एक रैंडरिंग प्लांट में गार्ड की नौकरी कर रहा युवक छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। फैक्ट्री में मौजूद चौकीदार की सूचना पर जब परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक गार्ड ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने फैक्ट्री मालिक पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव बिजौली निवासी बलजीत (38) पुत्र हरचंद शर्मा सिक्योरिटी में पिछले आठ साल से काम करता है। पिछले आठ माह वह गांव पीपलीखेड़ा की वैट फीडा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में गार्ड के रूप में तैनात है। बीते 22 मार्च को प्रशासन ने इस रैंडरिंग प्लांट को सील कर दिया था। तब से बलजीत और गांव फफूंडा निवासी नानक चंद इस फैक्ट्री में रात में चौकीदारी करते थे। रविवार रात बलजीत व नानकचंद फैक्ट्री की ऊपर पर सो रहे थे। रात में बलजीत संदिग्ध हालत में छत से गिर गया। सुबह छह बजे जब नानकचंद सोकर उठा तो बलजीत को घायल हालत में नाले में पड़ा पाया। नानक ने तुुरंत उसके परिजनों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन फैक्ट्री पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को भी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बलजीत को अस्पताल ले जाने के लिए उठाया, इसी दौरान उसकी मौत हो गई।
नहीं पहुंचे फैक्ट्री मालिक
इसके बाद बलजीत के परिजनों ने घटना पर संदिग्धता जताते हुए शव को उठाने का विरोध किया। फैक्ट्री मालिक हापुड़ निवासी हाजी खालिद व मेरठ के सोतीगंज निवासी जान मोहम्मद को मौके पर बुलाने की मांग की। काफी दो घंटे इंतजार के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। बाद में एसपी देहात व सीओ किठौर घटनास्थल के लिए निकले तो परिजनों ने उन्हें बिजली बंबा पुलिस चौकी पर रोक लिया। परिजनों ने फैक्ट्री मालिकों पर हत्या का आरोप लगा तहरीर दी। एसपी देहात के आदेश पर दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले में इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि मृतक पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लियेे भेज दिया गया है। जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
दो मासूम अनाथ, आजीविका पर संकट
मृतक चार भाई हैं। कृषि की जमीन अधिक न होने के कारण सभी मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। चारों भाइयों का परिवार अलग-अलग रहता है। मृतक बलजीत के परिवार में पत्नी चंदादेवी, नौ साल का बेटा लविश और पांच साल की बेटी अरुणा है। सभी बलजीत की कमाई पर ही निर्भर थे। उसकी मौत से परिवार पर आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।