पिछले एक सप्ताह से नहीं मिला स्वाइन का कोई मरीज
इस साल अब तक मिल चुके 592 स्वाइन फ्लू के मरीज
मेरठ। तापमान बढ़ने का असर दिखने लगा है। स्वाइन फ्लू का वायरस कमजोर हो गया है। यही वजह है कि पिछले एक सप्ताह से स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला है, जबकि इस दौरान तीन दर्जन से ज्यादा सैंपलों की जांच हुई है। आखिरी दो मरीज आठ अप्रैल को मिले थे। इसके बाद से मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में किसी को स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है।
मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में इस साल सोमवार तक 1800 सैंपलों की जांच हुई है, जिनमें 592 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें 389 मरीज मेरठ तो 203 मरीज आसपास के जिलों (मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत आदि) के रहने वाले हैं। इस साल मेरठ के पांच लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हुई है। साल 2017 में स्वाइन फ्लू के 395 मरीज मिले थे, जबकि 2018 में 24 मरीज।
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया है। इसके अलावा अब गर्मी पड़ने लगी है। ऐसे मौसम में स्वाइन फ्लू का वायरस कमजोर हो जाता है। अब पिछले एक सप्ताह से एक भी मरीज स्वाइन फ्लू का नहीं मिला है। स्वाइन फ्लू का वायरस ठंड के मौसम में ज्यादा असरदार रहता है।