मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले दरिंदे को फांसी की सजा
बागपत। नया गांव हमीदाबाद में छह साल पहले बालिका (06) की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में अभियुक्त अनिल कश्यप को एडीजे एफटीसी (फास्ट ट्रैक कोर्ट) संख्या एक ने फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में सबसे अहम पहलू फोरेंसिक जांच रही। मासूम के कपड़ों और आरोपी अनिल कश्यप के कपड़ों से लिए गए ब्लड के नमूने और सीमन की जांच कराई गई थी। दोनों सैंपल मिल गए थे।
बालिका अपने माता पिता के साथ गांव हिम्मतपुर सूजती से नया गांव हमीदाबाद में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आई थी। नौ दिसंबर 2012 को बालिका लापता हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने उसकी बरामदगी के लिए हंगामा और धरना प्रदर्शन किया था। 12 दिसंबर 2012 को उसकी लाश एक ईंख के खेत में पड़ी मिली थी। दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई थी। बालिका के ताऊ ने नया गांव के ही अनिल कश्यप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की सुनवाई एडीजे एफटीसी (महिला उत्पीडन) प्रथम शक्तिपुत्र तोमर के न्यायालय में हुई। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुभाष तोमर और वादी के अधिवक्ता सोमेंद्र ढाका ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। 23 मार्च को अदालत ने अभियुक्त को दोषी सिद्ध किया था। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई है।