फिंगर प्रिंट ही बनेंगे आपका लाइफ सर्टिफिकेट
मेरठ। पेंशनर्स को अब ऑनलाइन अपने जीवित होने का प्रमाण देना होगा। उनके फिंगर प्रिंट ही उनके जीवित होने का प्रमाण होगा। क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय के माध्यम से पेंशन पाने वालों के लिए क्षेत्रीय कार्यालय में ये सुविधा शुरू की गई है। आपको अब आधार कार्ड, पास बुक ओर मोबाइल लेकर जाना होगा।
पेंशन पाने वालों को हर साल अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र देना होता है। ये इस बात का प्रमाण होता है कि पेंशनर्स जीवित है और वही उस पेंशन का प्रयोग कर रहा है। अभी तक पेंशनर खुद कोषागार या बैंक में जाकर अपने हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र देते थे लेकिन अब पेंशनर के खाते आधार से लिंक हो रहे हैं, जिसके बाद पेंशनर का ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र जरूरी हो गया है।
पेंशनर्स के लिए क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में भी ये सुविधा उपलब्ध कराई गई है। काउंटर पर कर्मचारी बॉयोमेट्रिक मशीन में पेंशनर का फिंगर प्रिंट लेंगे। जिसके बाद उपभोक्ता के मोबाइल पर ओटीपी आएगा उस ओटीपी नंबर को सिस्टम में डालते ही जीवित प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जिस बुजुर्ग पेंशनर के फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हो पा रहा है उस केस में दूसरे विकल्पों या मैन्युअल प्रक्रिया भी मान ली जाती है।
हालांकि ये काम जन सेवा केंद्र ,बैंक या कोषागार के माध्यम से भी संभव है। क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय से करीब 70 हजार पेंशनर जुडे़ हैं। इनमें से 90 फीसदी लोगों ने ऑनलाइन प्रमाण पत्र देने भी शुरू कर दिए हैं। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त सूरज शर्मा ने बताया कि पेंशनर्स की परेशानी को देखते हुए क्षेत्रीय कार्यालय में इसके लिए विशेष काउंटर बना दिया गया है। क्षेत्रीय कार्यालय से जुडे़ सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के स्थानीय कार्यालयों में भी ये व्यवस्था कर दी गई है।
खास बातें:
- पेंशनर को हर साल ऑनलाइन देना होगा प्रमाण पत्र
- भविष्य निधि कार्यालय में भी व्यवस्था शुरू
- सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के स्थानीय कार्यालयों में भी व्यवस्था शुरू