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अफसरों के पास नही है ताला न खुलने का जवाब

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कार्यालय में क्यों नहीं बैठे, अफसरों पर नहीं है जवाब
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मेरठ। कलक्ट्रेट कर्मचारियों की हड़ताल अब अधिकारियों के गले की फांस बन गई है। हड़ताल के दौरान मंडलायुक्त ने निरीक्षण कराया था, जिसमें अधिकांश अधिकारियों के कार्यालयों पर ताला मिला था। अब मंडलायुक्त के स्पष्टीकरण का अधिकारी जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने तीन अगस्त को तहसील सदर का निरीक्षण किया था। जिसमें बाहरी लोगों से कार्यालय में गोपनीय फाइलों और कंप्यूटर पर काम कराने के मामले में एक कर्मचारी को जहां गिरफ्तार कराया था वहीं दो अन्य के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले को लेकर कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने हड़ताल का एलान करते हुए कलक्ट्रेट सहित तहसीलों में तालाबंदी कर दी। हालांकि बाद में अधिकारियों ने तालों की चाबी तो हासिल कर ली, लेकिन दफ्तरों के ताले नहीं खोले गए।
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इस दौरान मंडलायुक्त ने कलक्ट्रेट का निरीक्षण कराते हुए अधिकारियों की उपस्थिति की जांच कराई। जिसमें अधिकांश प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तर बंद मिले। इस पर मंडलायुक्त ने सभी से स्पष्टीकरण मांग लिया। स्पष्टीकरण मांगे हुए 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक जवाब नहीं दिया।
खास बात
कलक्ट्रेट कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान सभी कार्यालयों पर रही तालाबंदी
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