सरधना। बिनौली मार्ग पर पांडुशिला स्थित निर्माणाधीन शिरोमणि महाराजा अग्रसेन द्वार निर्माण का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। जहां वैश्य मंच के अध्यक्ष पांडुशिला रोड पर महाराजा अग्रसेन द्वार निर्माण कराना चाहते हैं। वहीं, जैन समाज ने इस मार्ग को भगवान महावीर द्वार एवं मार्ग की बात कही। जिससे द्वार निर्माण लटक गया।
महाराजा अग्रसेन द्वार निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ, लेकिन दोनों पक्ष अपना हक जता रहे हैं। जहां एक तरफ मकर संक्रांति एवं महाराजा अग्रसेन जयंती के मौके पर वैश्य मंच की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं, इस बार जैन समाज द्वारा भगवान महावीर जयंती की पूर्व संध्या पर इस विवादित द्वार पर 108 दीपक जलाए गए। जिसमें बताया कि भगवान महावीर जयंती की पूर्व संध्या पर अहिंसा द्वार पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह खबर समाचार पत्र में छपी तो वैश्य मंच सरधना के नगराध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता ने बुधवार को इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भगवान अग्रसेन द्वार निर्माण में जैन समाज से सहयोग मांगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली से देहरादून के बीच रहने वाले जैन समाज के लोग अग्रवाल समाज से संबंधित हैं। महाराज अग्रसेन द्वारा अहिंसा धर्म अपनाकर वैश्य धर्म अपनाया गया था। इसके साथ अग्रवाल समाज के 18 गोत्रों की उत्पत्ति कर अग्रवाल वंश का प्रारंभ किया। जैन समाज एवं वैश्य समाज महाराजा अग्रसेन जी के ही वंशज हैं। नगर पालिका द्वारा महाराजा अग्रसेन द्वार निर्माण का पार्ट पेमेंट भी किया गया है। वहीं, विभिन्न टैक्स संबंधित विभागों में जमा कराए हैं। जिस कारण यह पांचों विभागों में महाराजा अग्रसेन द्वार नाम से दर्ज हो चुका है। जिस कारण शैलेंद्र गुप्ता ने जैन समाज को भी अधूरे पडे़ महाराजा अग्रसेन द्वार को पूरा कराने में सहयोग की अपील की।