जिला पंचायत की जमीन पर बना स्कूल सील
कमिश्नर के आदेश पर जिला पंचायत और तहसील की टीम ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/सरुरपुर।
रासना गांव में जिला पंचायत की जमीन पर कब्जा कर बनाये गये स्कूल को कमिश्नर के आदेश पर सोमवार को तहसील सदर और जिला पंचायत की संयुक्त टीम ने सील कर दिया। इस मामले में मंडलायुक्त के यहां गांव के ही एक व्यक्ति ने शिकायत की थी। इस पर जांच के बाद कमिश्नर के आदेश पर कार्रवाई की गई।
रासना गांव में संचालित शालिगराम कन्या जूनियर हाईस्कूल जिला पंचायत की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था। इस मामले में पूर्व ब्लाक प्रमुख जयचंद त्यागी ने मंडलायुक्त के यहां शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि खसरा नंबर 1161 जिला पंचायत की जमीन है। इसमें करीब 7200 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर प्रदीप त्यागी ने स्कूल बना लिया है। जिसकी जांच मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल को दी। एडीएम की जांच में शिकायत सही निकली। इस रिपोर्ट के आधार पर मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार ने स्कूल का सामान बाहर निकलवाकर सील करने के निर्देश दिये। एसडीएम सदर संतोष बहादुर ने बताया कि मंडलायुक्त ने चार सितंबर तक स्कूल पर कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिये थे। जिस पर सोमवार को वह स्वयं और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल सिंह ने कई थानों की पुलिस और आरएएफ के साथ कार्रवाई की। इसके साथ ही स्कूल अग्रिम आदेश तक बंद रखने का आदेश दिया।
पत्नी की प्रधानी में कराया था खेल
जयचंद त्यागी का आरोप है कि प्रदीप त्यागी जो कि 2004 में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। जब उनकी पत्नी ग्राम प्रधान थी तब इस जमीन को हड़पने का खेल किया था। इस जमीन पर बेसिक शिक्षा परिषद का भी स्कूल था। लेकिन उसे जर्जर दिखाकर दूसरी जमीन पर उसका निर्माण करा दिया गया। प्रदीप त्यागी ने इस जमीन पर कब्जा करने के साथ ही सरकारी स्कूल के पुराने भवन के कमरों पर भी कब्जा कर लिया।
वर्जन....
यह भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम पंचायत की है। प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई असंवैधानिक है और इसे लेकर हाईकोर्ट में भी विवाद चल रहा है। जिसमें कोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किया है। इसकी सूचना जिला पंचायत को भी दी जा चुकी है। प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में गुहार लगाएंगे।
प्रदीप त्यागी, स्कूल प्रबंधक
साइड स्टोरी..............
अनुदान सूची व मान्यता खत्म करने की हो चुकी है संस्तुति
मेरठ/सरूरपुर।
श्री शालिगराम शर्मा कन्या जूनियर हाईस्कूल को 1985 में मान्यता मिली थी। इसके बाद यह स्कूल 1999 में शासन से अनुदान प्राप्त करने वाले स्कूलों की सूची में शामिल हो गया। अब इस स्कूल के शिक्षकों को सरकार से वेतन भुगतान होता है। लेकिन जब कूटरचित अभिलेखों से जमीन कब्जाने आदि की शिकायत हुई और जांच में शिकायत सही मिली तो 2012 में तत्कालीन बीएसए ने स्कूल को अनुदानित सूची से बाहर करने के साथ ही मान्यता निरस्त करने की संस्तुति कर रिपोर्ट एडी बेसिक को भेजी थी। जहां से रिपोर्ट शासन को भेजी गयी। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
300 बालिकाओं की शिक्षा पर ग्रहण
सरूरपुर। श्री शालिगराम शर्मा कन्या जूनियर हाईस्कूल में आसपास की 300 बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। लेकिन सील लगने के बाद इन सबके भविष्य को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। इस मामले में एसडीएम सदर संतोष बहादुर का कहना है कि अधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई की गई है। बालिकाओं के शिक्षा व्यवस्था के बारे में उच्च अधिकारियों को जानकारी दे दी है। इसके लिए शीघ्र ही विकल्प तय कर दिया जायेगा।