उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में कोरोना की रफ्तार रुक नहीं रही है। जिले में बुधवार को कोरोना के 1199 मरीज मिले, जबकि 29 की मौत हो गई। 13 मौत मेडिकल में और 16 निजी अस्पतालों में हुई। इनमें 23 मौत मेरठ के लोगों की हुई और बाकी आसपास के जिलों के थे। जांच कम होने के बावजूद मरीजों की संख्या काफी रही।
मेरठ में बुधवार को 6401 सैंपलों की जांच में हर छठा व्यक्ति संक्रमित निकला। जिले में 18418 सक्रिय मामले हैं। इनमें डॉक्टर, स्टूडेंट, पुलिसकर्मी, हेल्थ केयर वर्कर, घरेलू महिलाएं, किसान, कारोबारी और नौकरीपेशा आदि शामिल हैं। अब तक 54771 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण से 556 लोगों की मौत दिखा रहा है। बुधवार को 847 मरीजों की छुट्टी हुई है। अब तक 37354 की छुट्टी हो चुकी है। एंटीजन के मुकाबले आरटीपीसीआर जांच में ज्यादा संक्रमित निकल रहे हैं।
गगोल और आसपास के गांवों में अन्य बीमारी से भी जा रही जान
परतापुर क्षेत्र के गगोल और उसके आसपास के गांवों में कोरोना के साथ ही अन्य बीमारियों से भी मौतें हो रही हैं। भूड़बराल सीएचसी प्रभारी डॉ. ओंकार का कहना है कि अधिकतर लोगों ने शुगर, हार्ट अटैक और पीलिया आदि बीमारियों से जान गंवाई है। पिछले पांच दिन में गगोल गांव में छह से अधिक लोगों की मौत हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन पूर्व नरेश, विनोद सहित तीन मुस्लिम महिलाओं की मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारी अभी तक यहां पर सर्वे तक करने नहीं आए हैं। सीएचसी प्रभारी का कहना है कि ये आरोप गलत हैं। क्षेत्र में लगातार सर्वे किया जा रह है।