हेपेटाइटिस संक्रामक है, पर छूने से नहीं फैलता
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
हेपेटाइटिस के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। हेपेटाइटिस पांच प्रकार का होता है, ए, बी, सी, डी और ई। यह संक्रामक रोग है, पर सिर्फ छूने से नहीं फैलता है। सावधानियां बरतकर इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस सी क्लीनिक चलाने वाले टीम के सदस्य स्टोबडन ने बताया कि हेपेटाइटिस यकृत की सूजन है, जिसे यकृत ऊतकों में सूजन वाली कोशिकाओं की मौजूदगी से पहचाना जाता है। हेपेटाइटिस एक्यूट और क्रोनिक दो प्रकार का होता है। एक्यूट हेपेटाइटिस की अवस्था तब होती है, जब यह कम से कम छह महीनों तक रहता है। क्रोनिक हेपेटाइटिस की अवस्था तब होती है, जब यह लंबे समय तक बना रहता है।
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीकेबंसल ने बताया कि वायरस के जिगर में संक्रमण होने पर हेपेटाइटिस हो जाता है। हेपेटाइटिस बी और सी का संक्रमण अधिक गंभीर होता है। हेपेटाइटिस का संक्रमण होने पर इसका इलाज करवाना जरूरी है। साथ ही जरूरी है कि हेपेटाइटिस की जांच अवश्य कराएं। हेपेटाइटिस के खतरे को पहचाने और सतर्क रहें, जिससे हेपेटाइटिस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। 2030 तक इसे खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
हेपेटाइटिस का हाल
जिला अस्पताल स्थित हेपेटाइटिस सी के क्लीनिक पर पिछले छह माह में तीन हजार ज्यादा लोगों का इलाज शुरू किया गया है।।
ब्लड बैंक के शिविरों में दिए गए करीब सात हजार यूनिट खून में 505 मरीज हेपेटाइटिस बी और सी के मरीज निकले हैं।
लक्षण
भूक कम होना, पीलिया
कम परिश्रम पर अधिक थकान महसूस करना
बार-बार बुखार होना
मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द रहना
उल्टियां होना, त्वचा में पीलापन आना
सावधानियां
संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल की चीजें रेजर, कैंची जैसी नुकीली वस्तुएं, टावल कपड़े आदि अलग रखें।
मरीज को अगर कोई घाव हो गया हो तो उसे खुला न छोड़ें।
समय-समय पर जांच कराते रहें।
हेपेटाइटिस ए और ई
ये दूषित पानी पीने और दूषित भोजन करने से फैलते हैं।
हेपेटाइटिस बी और सी
ये संक्रमित खून चढ़ाने, संक्रमित सूई-सिरिंज के प्रयोग, असुरक्षित यौन संबंध और मां से शिशु में फैलता है।
हेपेटाइटिस डी
जो हेपेटाइटिस बी से संक्रमित होते हैं, वे हेपेटाइटिस डी से भी संक्रमित हो सकते हैं।
खास बात
सावधानियां बरतें तो बच सकते हैं बीमारी से, पांच प्रकार का होता है हेपेटाइटिस का रोग