मेरठ। जम्मू के कठुआ में बच्ची से रेप और हत्या के मुकदमे में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के इंजीनियर और आंसर सेक्शन बुक के हेड को जम्मू कोर्ट ने समन जारी कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को उन्हें पठानकोट की कोर्ट में बयान देने के लिए बुलाया गया है। दोनों कर्मचारी मंगलवार रात ट्र्रेन से रवाना हो गए हैं। जम्मू एसआईटी के आरोप पत्र में कर्मचारियों की लापरवाही का जिक्र करने के चलते इन दोनों कर्मचारियों को तलब किया गया है।
इस मामले में आरोपी कठुआ जम्मू निवासी विशाल जंगोत्रा मुजफ्फरनगर मीरापुर के आकांक्षा कॉलेज से बीएससी एजी कर रहा था। जनवरी में उसकी परीक्षाएं थी। उसका सेंटर खतौली के केके जैन कॉलेज में था। यह बच्ची कठुआ में दस जनवरी को गायब हो गई थी। 17 जनवरी को उसका शव मिला था। इस मामले में बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने सांझीराम नाम के एक व्यक्ति और उसके नाबालिग भतीजे और एसपीओ दीपक खजूरिया को गिरफ्तार किया। इन पर रेप और हत्या की धाराएं लगाई गई। बाद में पुलिस ने इस मामले में सांझीराम के बेटे विशाल जंगोत्रा को भी आरोपी बना दिया। जम्मू एसआईटी ने जो चार्जशीट दाखिल की, उसमें बताया गया कि विशाल को मुख्य आरोपी दीपक खजूरिया ने 11 जनवरी को फोन कर जम्मू बुलाया था। विशाल मुजफ्फरनगर से 12 जनवरी की सुबह छह बजे जम्मू पहुंचा। उसने बच्ची के साथ रेप किया। जबकि इस मामले में विशाल का कहना था कि वो 12 जनवरी को केके जैन कॉलेज खतौली में परीक्षा दे रहा था। उसके इस बयान की पुष्टि करने के लिए जम्मू एसआईटी की टीम 23 अप्रैल को चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ आई थी। टीम ने केके जैन कॉलेज खतौली पहुंचकर उपस्थिति पत्र और कमरों में लगे सीसीटीवी की डीवीआर ली थी। इसके बाद टीम यूनिवर्सिटी से विशाल जंगोत्रा और उसके साथ पढ़ रहे जम्मू के तीन अन्य छात्रों के फार्म और कॉपियों को साथ ले गई थी। इस मामले में यूनिवर्सिटी के इंजीनियर शरद गिरि और आंसर सेक्शन बुक के हेड अरशद हुसैन ने अधिकारियों के कहने पर जम्मू एसआईटी को डीवीआर और सारे कागजात मुहैया कराए थे।
कोर्ट ने भेजे बयान के लिए समन
अब इस मामले में कोर्ट ने इन्हीं दोनों कर्मचारियों को समन जारी कर बयान देने के लिए तलब किया है। दोनों कर्मचारियों को यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बयान देने के लिए भेज दिया है। कर्मचारी बेहद डरे हैं। इस पूरे मामले में एक बार फिर यूनिवर्सिटी में बनाई जाने वाली जांच कमेटियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल ये है कि जब कठुआ कांड की सच्चाई जानने के लिए यूनिवर्सिटी ने समिति गठित की तो आज तक भी उसकी जांच पूरी क्यों नहीं की गई। आखिर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों और दूसरे अफसरों को अपने कर्मचारियों का ध्यान क्यों नहीं रहा। अगर ये समिति जांच पूरी कर लेती तो कोर्ट में यूनिवर्सिटी की तरफ से पक्ष रखा जा सकता था।
खास बातें:
- कठुआ कांड में इंजीनियर और आंसर सेक्शन बुक के हेड को जम्मू कोर्ट ने भेजे समन
- बयान दर्ज कराने के लिए मंगलवार रात को दोनों ट्रेन से हुए पठानकोट के लिए रवाना