एडमिशन में रहेगा बेटियों का जलवा
मेरठ। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध एडेड और राजकीय कॉलेजों में एडमिशन में बेटियां का ही जलवा रहेगा। जिले के 13 कॉलेजों की 10 हजार सीटों का गणित ऐसा है कि जहां लड़कियों को एडेड और राजकीय कॉलेजों में दाखिला मिल जाएगा। वहीं, लड़कों को सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में दाखिला लेना पड़ेगा।
सीसीएसयू से संबद्ध नौ जिलों के 66 एडेड-राजकीय कॉलेजों में बीए में 22 हजार, बीकॉम में 46 सौ और बीएससी में 95 सौ के करीब सीटें हैं। तीनों विषयों में 66 कॉलेजों में 37 हजार के करीब सीटें हैं। अकेले मेरठ जिले की बात करें तो 13 एडेड-राजकीय कॉलेजों में 10270 सीटें हैं। इनमें से 3660 सीटें गर्ल्स कॉलेजों में हैं। 6610 सीटें कोएड कॉलेजों में हैं। इनमें भी आधी सीटों पर लड़कियों के नंबरों का औसत अधिक होने की वजह से उनका दाखिला होना तय है। ऐसे में लड़कों को 35 सौ के करीब ही सीटें मिल पाएंगी। इसके चलते फर्स्ट क्लास में भी उन्हीं छात्रों को एडमिशन मिल पाएगा जिनके नंबर 70 फीसदी से ज्यादा होंगे।
30 हजार के बीच बनेगी मेरिट
इस बार यूपी बोर्ड में मेरठ में 33 हजार के करीब छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। करीब 12 हजार सीबीएसई और आईसीएसई के छात्र हैं। ऐसे में तीनों बोर्ड के छात्र-छात्राओं की संख्या 45 हजार पहुंच जाएगी। इनमें से 15 हजार के करीब छात्र-छात्राएं भी अगर बीबीए, बीसीए, बीटेक, मेडिकल कोर्स और पांच वर्षीय एलएलबी आदि कोर्सों में दाखिला लेते हैं तो भी 30 हजार छात्र-छात्राएं रह जाएंगे। ऐसे में जिले में 10 हजार सीटों पर 30 हजार छात्र-छात्राओं कें बीच दाखिले को मेरिट बनेगी।
प्रतिशत 50-50
जिले में दस हजार सीटों में 50 फीसदी में यूपी बोर्ड के छात्रों का कोटा रहेगा। 50 फीसदी सीटें सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों वालों छात्र-छात्राओं के लिए रिजर्व हैं। यूजी कोर्सों में दाखिले को इस बार यूनिवर्सिटी 10 मई से रजिस्ट्रेशन कराना चाहती थी। लेकिन सीबीएसई का रिजल्ट देरी से आने की वजह से अब रजिस्ट्रेशन 20 मई के बाद कराए जाएंगे।
ये भी हैं विकल्प
एडेड और राजकीय कॉलेजों में अगर एडमिशन नहीं होता है तो उसके अलावा भी कई विकल्प हैं। सेल्फ फाइनेंस में नौ जिलों के कॉलेजों में बीए में 44 हजार सीटें हैं। बीकॉम में 22 हजार और बीएससी में 13 हजार सीटें हैं। बीएससी एजी में सेल्फ फाइनेंस में पांच सौ के करीब सीटें हैं। 12वीं के बाद पांच वर्षीय बीए-एलएलबी में छह हजार से ज्यादा सीटें हैं। इसके अलावा बीबीए, बीसीए और अन्य कोर्स भी यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में चल रहे हैं। प्राइवेट में भी बीए, बीकॉम किया जा सकता है।
ये हैं कोएड कॉलेज
कॉलेज - विषय - सीटें
मेरठ कॉलेज - बीए, बीएससी - बीकॉम - 2400
एनएएस कॉलेज - बीए, बीएससी, बीकॉम सेल्फ फाइनेंस - 1070
डीएन डिग्री कॉलेज - बीकॉम, बीएससी - 1040
संजय गांधी पीजी कॉलेज सरूरपुर - बीए, बीएससी, बीकॉम - 620
एएस पीजी कॉलेज मवाना - बीकॉम, बीएससी - 240
कृषक पीजी कॉलेज मवाना - बीए - 400
चौधरी शिवनाथ सिंह शांडिल्य कॉलेज माछरा- बीए बीएससी - 560
श्री शालीग्राम शर्मा स्मारक कॉलेज रासना -बीए, बीए होम साइंस - 280
कुल सीटें - 6610
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ये हैं गर्ल्स कॉलेज
आरजी कॉलेज - बीए, बीएससी, बीकॉम सेल्फ फाइनेंस - 1360
इस्माईल कॉलेज - बीए, बीएसी, बीकॉम सेल्फ फाइनेंस - 880
कनोहर लाल कॉलेज - बीए, बीकॉम, बीकॉम सेल्फ फाइनेंस - 560
शहीद मंगल पांडे गर्ल्स डिग्री कॉलेज - बीए, बीएससी, बीकॉम - 540
सेंट जोजफ गर्ल्स डिग्री कॉलेज सरधना - बीए, बीए ड्राइंग - 320
कुल सीटें --- 3660
खास बातें:
10270 में से 3660 सीटें हैं जिले के गर्ल्स कॉलेजों में
45 हजार के करीब छात्र-छात्राएं पास होंगे यूपी, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड में