कार ने छात्र को कुचला, तीन घायल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
शास्त्रीनगर में पीवीएस रोड पर शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार कार ने एक छात्र को कुचल दिया। हादसे में छात्र का भाई और उसके दो दोस्त भी घायल हो गये। वहीं मौके पर भीड़ तमाशबीन बनी रही और घायल तड़पते रहे। आधा घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को मेडिकल भेजा गया। घटना से गुस्साए लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया।
मेडिकल थाना क्षेत्र के शेरगढ़ी निवासी सनी (18) पुत्र अमरनाथ हापुड़ के पिलखुवा में आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था। शुक्रवार सुबह करीब सवा नौ बजे छात्र का बड़ा भाई शेखर उसे अंबेडकर इंटर कॉलेज में बाइक से लेकर जा रहा था। पीवीएस रोड पर बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने सनी के दो दोस्त विकास और सौरभ निवासी शेरगढ़ी भी वहीं पर मिल गए।
इस बीच सनी ने अपने भाई से बाइक रुकवा ली और सड़क किनारे पर अपने दोस्तों से बात करने लगा। तभी एक कार तेजगढ़ी चौराहे की तरफ से आई और सड़क किनारे खड़े सनी को कुचल दिया, जबकि कार की चपेट में आकर शेखर और दोनों दोस्त भी घायल हो गये। घटना के बाद चालक कार लेकर भाग निकला। इस दौरान आसपास के लोगों वहां जमा हो गए और कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। आरोप है कि यूपी 100 की गाड़ी काफी देर से पहुंची। वहीं भीड़ भी तमाशबीन बनी रही और घायल सड़क पर ही तड़पते रहे। बाद में एसओ मेडिकल सतीश कुमार मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों की मदद से तीनों गंभीर घायलों को मेडिकल इमरजेंसी भेजा। जबकि शेखर को एक निजी अस्पताल में ले जा गया।
मेडिकल में छात्र सनी की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। निजी अस्पताल में पहुंचते ही डॉक्टरों ने सनी को मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत का पता चलते ही परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। एसओ मेडिकल ने किसी तरह परिजनों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर मोर्चरी भेज दिया। एसओ मेडिकल का कहना है कि शेखर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार की तलाश की जा रही है। घायल सौरभ और विकास की भी हालत गंभीर बनी हुई है।
मेरे भाई की किसी ने मदद नहीं की
शेखर ने बिलखते हुए कहा कि मेरा भाई सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। पुलिस तो पहुंची ही नहीं, जनता की भी लापरवाही है। यदि समय से अस्पताल पहुंचाया जाता तो सनी की जान बच सकती थी। मैंने मौके पर बहुत गुहार लगाई थी, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। सनी तीन भाइयों में सबसे छोटा था। सनी की मौत के बाद शेखर और मोहित बचे हैं।
चलती बाइक में टक्कर लगने की चर्चा
आसपास के कुछ लोगों ने बताया कि तेज रफ्तार कार ने चलती बाइक में टक्कर मारी थी। उन्होंने हेलमेट भी नहीं पहना था। बाइक का कुछ सामान टूटा हुआ बीच सड़क पर पड़ा था।
खास बात
शास्त्रीनगर में पीवीएस रोड पर शुक्रवार सुबह हुआ हादसा
सड़क किनारे बाइक रोककर अपने दो दोस्तों से बात कर रहा था छात्र