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बेटा ही नहीं अब बेटियों के लिए भी मनाएंगे त्योहार 

Sat, 13 Jan 2018 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बेटा हो या बेटी हमारे लिए तो दोनों बराबर हैं। हम खुशनसीब हैं कि भगवान ने हमें बेटी के रूप में इतना प्यारा तोहफा दिया। हमें बेटी का प्यार नसीब हुआ। बेटे के लिए लोहड़ी मनाने की सोच अब पुरानी हो चुकी है। शहर के पंजाबी परिवारों में अब बेटियों के लिए भी लोहड़ी मनाई जा रही है। शहर में कई ऐसे पंजाबी परिवार हैं, जो बेटियों के लिए लोहड़ी मनाते हैं। उन्होंने जन्म के बाद बेटी की पहली लोहड़ी धूमधाम से मनाने की तैयारी की है, तो कुछ परिवार तो लगातार दो-तीन वर्षों से बेटियों के लिए लोहड़ी मना रहे हैं। बेटी के लिए लोहड़ी मनाने वाले लोगों की बदलती सोच पर केंद्रित स्टोरी
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भगवान का आशीर्वाद है बेटी
लालकुर्ती निवासी रोहित दुआ और चारु अपनी बेटी अमायरा के लिए आज लोहड़ी मनाएंगे। रोहित कहते हैं बेटी की यह पहली लोहड़ी है। 12 दिसंबर 2017 को अमायरा का जन्म हुआ है। घर पर समारोह रखा है। इसमें रिश्तेदार, पड़ोसी एवं दोस्त शामिल होंगे। बकौल रोहित मुझे बेटी ही चाहिए थी और भगवान ने मुझे बेटी का पिता बनने का सौभाग्य दिया। इसलिए अपनी प्यारी बिटिया के स्वागत में हम सभी मिलकर लोहड़ी मनाएंगे। 

घर पर मिलकर करेंगे आयोजन
नंदन कुंज वेस्टर्न कचहरी रोड निवासी दीपिका और अभिनव बेटी अकाइरा क ी पहली लोहड़ी मनाएंगे। मई में दीपिका-अभिनव को पहले बच्चे के रूप में अकाइरा मिली। दीपिका कहती हैं कि इतनी खुशी मुझे शादी के बाद पहली लोहड़ी मनाने की भी नहीं हुई जितनी उत्साहित मैं बेटी की पहली लोहड़ी के लिए हूं। अभिनव कहते हैं बेटा या बेटी दोनों बराबर हैं। ऐसे में बेटी के लिए खुशी क्यों न मनाएं। घर में सभी धूमधाम से लोहड़ी मनाएंगे। 
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 आर्य समाज में मनाएंगे समारोह
रुड़की रोड निवासी सूर्या आनंद एवं सुमति आनंद बेटी सान्वी की पहली लोहड़ी मनाने के लिए उत्साहित हैं। सूर्या कहते हैं कि चार मई को मुझे सान्वी का पापा बनने का सुख मिला है। मैं उस दिन को कभी नहीं भूल सकता, जब भगवान ने मुझे इतनी प्यारी बेटी दी है। अपनी बेटी की पहली लोहड़ी धूमधाम से मनाएंगे। रिश्तेदारों, दोस्तों के साथ आर्यसमाज थापर नगर में समारोह रखा है। लोहड़ी जलाएंगे, डांस करेंगे। 

 गेम्स और डांस के साथ मनाएंगे लोहड़ी
पीएल शर्मा रोड निवासी सोनम विज, सुमित विज अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी सौम्या की लोहड़ी मनाएंगे। आर्मी स्कूल की शिक्षिका सोनम कहती हैं कि हमने पिछले साल भी बेटी की पहली लोहड़ी मनाई थी, लेकिन अब बहुत अच्छा समारोह नहीं कर पाए थे। इस साल वीकेंड पर लोहड़ी है। इसलिए सोने पे सुहागा है। हमारा पूरा परिवार मिलकर बेटी की लोहड़ी मनाएगा। कीर्तन करेंगे। शाम को गेम्स, तंबोला और पार्टी का आयोजन है। 

दिल्ली में मनाएंगे बेटी की पहली लोहड़ी
पल्लवपुरम निवासी डॉ. मनीषा तोमर मनोवैज्ञानिक हैं। डॉ. मनीषा और दीपक तोमर बेटी तारिशी की पहली लोहड़ी सेलिब्रेट कर रहे हैं। डॉ. मनीषा कहती हैं भगवान ने हमें तीन साल पहले बेटा दिया, हमें ख्वाहिश तो बेटी की थी, लेकिन बेटा होना भी खुशकिस्मती है। अब भगवान ने सालभर पहले हमें बेटी दी है। इसलिए इस बार बेटी तारिशी के लिए लोहड़ी मनाएंगे। पूरा परिवार दिल्ली जा रहा है। वहां ननद के घर लोहड़ी सेलिब्रेट क रेंगे। 

आठ सालों से मना रहे बेटी की लोहड़ी
श्रद्धापुरी निवासी सोनिया सिंह और दीपक चोपड़ा कहते हैं कि बेटियां सभी की लाड़ली होती हैं, इसलिए उनके लिए हर त्योहार जरूर मनाना चाहिए। सोनिया और दीपक का अपना बिजनेस है। प्रमुख बात यह कि सोनिया और दीपक पिछले आठ सालों से बेटी आन्या की लोहड़ी मनाते हैं। बकौल दीपक हमें हमेशा बेटियों की चाहत रही, भगवान ने हमारी चाहत पूरी की। इसलिए हर साल बेटी आन्या के  लिए रिश्तेदारों, दोस्तों के साथ पार्टी करते हैं। इस दिन को यादगार मनाते हैं। 

दो साल से मना रहे बेटी की लोहड़ी
भूसा मंडी निवासी इंद्रपीत सिंह का अपना कारोबार है। वह दो साल से बेटी अमृतेश्वर कौर की लोहड़ी मना रहे हैं। इंद्रप्रीत और उनकी पत्नी रमनदीप कौर कहते हैं कि माता-पिता का जितना साथ बेटियां देती हैं, बेटा कभी नहीं देता। बड़े खुशनसीब होते हैं वो लोग जिनके पास बेटियां होती हैं। हमें भी भगवान ने बेटी का माता-पिता बनने का सौभाग्य दिया है। इसलिए हम दो साल से बेटी की लोहड़ी धूमधाम से मनाते हैं। पूरा परिवार एकजुट होगा। घर पर ही समारोह करेंगे। 

सुबह शबद, गुरुपाठ, शाम को पार्टी
थापर नगर निवासी रुबल पाहवा और रोमिंदर पाहवा बेटी जिनिशा की पहली लोहड़ी मना रहे हैं। 2 अक्तूबर 2017 को जिनिशा का जन्म हुआ तो रुबल-रोमिंदर की जिंदगी में खुशियां आ गई हैं। शिक्षिका रुबल कहती हैं बेटी की पहली लोहड़ी है बहुत अच्छे से मनाएंगे। सुबह घर पर गुरुपाठ, शबद कीर्तन रखा है। शाम को पूरा परिवार डांस और डिनर के साथ सेलिब्रेशन करेगा। बैंक में जॉब कर रहे रोमिंदर भी बेटी की पहली लोहड़ी के लिए बहुत उत्साहित हैं। 

तीन सालों से मना रहे बेटी क ी लोहड़ी
थापर नगर निवासी नितिन मल्होत्रा और स्मृति मल्होत्रा पिछले तीन साल से बेटी आव्या के लिए लोहड़ी मना रहे हैं। स्मृति बताती हैं कि दिन में घर पर ही कीर्तन करते हैं, शाम को मिलकर लोहड़ी जलाते हैं। साथ में खाना खाते, पटाखे जलाते हैं। पंजाबी ढोल पर डांस भी करते हैं, ताकि बेटी को सबका आशीर्वाद मिले। आखिर बेटियों क ो भी खुश रहने का पूरा हक है, इसलिए हम लोग बेटी की लोहड़ी मनाते हैं और आगे भी मनाएंगे।
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