मेरठ। माध्यमिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले 393 स्कूलों में सुविधाओं की सच्चाई जांची जाएगी। इसके लिए 12 टीमों का गठन किया गया है, जो इन स्कूलों में जाकर जांच करेंगी और जिला विद्यालय निरीक्षक को इसकी रिपोर्ट सौंपेंगी। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक भी इन स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। गलत जानकारी देने वाले स्कूलों प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए पहली बार केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया अभी से शुरू है। जून में सभी विद्यालयों को शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन ब्यौरा अपलोड करने के लिए कहा गया था। इसमें विद्यालयों को विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, उनकी अर्हता, छात्र धारण क्षमता, कक्षाओं की संख्या, सीसीटीवी आदि सुविधाओं समेत जरूरी संसाधनों का ब्योरा ऑनलाइन फीड करना था। ब्योरा देने को लेकर काफी विद्यालय कतराते रहे थे। करीब तीन महीने बाद कई बार नोटिस देने पर विद्यालयों ने ब्योरा अपलोड किया और इसकी हार्ड कॉपी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के परीक्षा विभाग में भी जमा कराई।
अब इन विद्यालयों का निरीक्षण होगा और मिलान किया जाएगा कि जो ब्योरा इन्होंने ऑनलाइन भरा था, वह गलत तो नहीं भरा था। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि मेरठ में माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 404 स्कूल हैं, इनमें से 11 स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें मान्यता मिले हुए एक या दो साल हुए हैं। लिहाजा इन स्कूलों को निरीक्षण में शामिल नहीं किया गया है। जिन विद्यालयों को मान्यता मिले हुए पांच साल या उससे ज्यादा हो चुके हैं, उन्हें ही इस दायरे में रखा गया है।