बीट सिपाहियों से सीधे संवाद करते हुए लिए गए फीडबैक, ऐप में आ रही समस्याओं को सुधार करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बृहस्पतिवार को रेंज कार्यालय पर दरोगा और बीट सिपाहियों के साथ ई-साक्ष्य और यक्ष ऐप के माध्यम से की जा रही कार्रवाई को लेकर सीधे संवाद करते हुए समीक्षा की। इस दौरान उनसे फीडबैक लिया गया और यक्ष ऐप में फीडिंग के दौरान आ रही समस्याओं व ऐप से संबंधित सुधार पर चर्चा हुई। डीआईजी ने कहा कि विवेचना के दौरान साक्ष्यों का संकलन डिजिटल माध्यम से किया जाना अनिवार्य है। ई-साक्ष्य ऐप का मुख्य उद्देश्य घटनास्थल से साक्ष्यों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को 'जियो-टैगिंग' के साथ सुरक्षित करना है ताकि न्यायालय में साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनी रहे।
समीक्षा करते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि कुछ थानों में दरोगा द्वारा ऐप के उपयोग में शिथिलता बरती जा रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए न्यूनतम उपयोग करने वाले कर्मियों को चेतावनी दी और तकनीकी टीम को फील्ड ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए गए। थानों में तैनात कांस्टेबलों और बीट अधिकारियों द्वारा डाटा फीडिंग और सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए 'यक्ष' ऐप के फीडबैक पर चर्चा की गई। अपराध नियंत्रण और अपराधियों की निगरानी का एक सशक्त माध्यम बताया। समीक्षा के दौरान उपस्थित विवेचकों ने ऐप के संचालन में आने वाली तकनीकी समस्याओं (जैसे नेटवर्क समस्या या अपलोडिंग न होना ) के बारे में बताया, जिसके निस्तारण के लिए तकनीकी सेल को निर्देशित किया गया। डीआईजी ने कहा कि वर्तमान में आधुनिक पुलिसिंग की जरूरत है।
डीआईजी ने यह दिए दिशा-निर्देश
'ई-साक्ष्य' और 'यक्ष' ऐप के माध्यम से विवेचनाओं की पारदर्शिता के लिए अधिकारियों को कड़ी निगरानी का अनुपालन के निर्देश दिए।
सभी कर्मियों की यक्ष ऐप पर आईडी होनी चाहिए। जिन पुलिसकर्मियों की आईडी नहीं बनी है, वह तत्काल बनवा लें।
अति महत्वपूर्ण बीट सूचना ही यक्ष ऐप में फीड होनी चाहिए एवं सूचना का अलर्ट संबंधित चौकी प्रभारी/ थाना प्रभारी को नोटिफिकेशन के माध्यम से मिलना चाहिए।
चौकी/ थाना प्रभारी को गलत बीट सूचना एडिट करने की सुविधा हो। महत्वपूर्ण सीसीटीवी स्थल एवं समारोह की सूचना यक्ष ऐप पर फीड होनी चाहिए।
ई- समन सभी बीट कर्मियों को बीट के अनुसार वितरित होने चाहिए। बीट स्तर पर जवाबदेही तय होने से कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।
यक्ष ऐप पर फीड किए गए अपराधियों के डाटा
मेरठ परिक्षेत्र में यक्ष ऐप पर अपराधी सत्यापन का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। कुल 1,01,792 अपराधियों का सत्यापन किया जा चुका है।
मेरठ - कुल सत्यापन - 40996
बुलंदशहर - कुल सत्यापन - 34045
बागपत - कुल सत्यापन - 9835
हापुड़ - कुल सत्यापन - 16916
यक्ष ऐप पर फीड किए गए ग्राम / मोहल्लों का विवरण
कुल ग्राम/मोहल्ला- 5863
मेरठ - कुल ग्राम/मोहल्ला- 2461
बुलंदशहर - कुल ग्राम/मोहल्ला- 2170
बागपत - कुल ग्राम/मोहल्ला- 435
हापुड़ - कुल ग्राम/मोहल्ला- 797
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