बैठक में भिड़े सपाई, गाली गलौज और धक्कामुक्की
मेरठ। सपाइयों में आपसी कलह लगातार बढ़ती जा रही है। इसका नमूना मंगलवार को जेल रोड स्थित पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में देखने को मिला, जब महानगर और जिला इकाई के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। जमकर गाली-गलौज और धक्कामुक्की हुई। इसके बाद में बंद कमरे में सपाइयों ने बैठक की प्रक्रिया को पूरा किया।
सपा सूत्रों ने बताया कि बैठक सुबह साढ़े 10 बजे शुरू हुई, मगर महानगर के कुछ कार्यकर्ता करीब साढ़े 11 बजे पहुंचे और स्टेज पर बैठने के लिए पहले से बैठे कार्यकर्ताओं को पीछे करने लगे। इस पर उन्होंने एतराज जताया और कहा कि समय से क्यों नहीं आए। इस पर उनमें खूब गाली गलौज हुई और धक्कामुक्की हुई। एक-दूसरे को थप्पड़ मारना भी बताया जा रहा है। देर से आए कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह पार्टी मीटिंग है, सरकारी मीटिंग नहीं कि कोई देर से नहीं आ सकता। मीटिंग में खलल पड़ता देख सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने मीटिंग को खत्म करने का एलान कर दिया। इस पर महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी ने कहा कि अभी शहर विधायक रफीक अंसारी और पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि नहीं आए हैं, उन्हें भी आने दीजिए। इनकेआने के बाद बंद कार्यकर्ताओं से अलग पार्टी पदाधिकारियों ने बंद कमरे में वार्ता कर मीटिंग खत्म की।
हालांकि बाद में सभी पदाधिकारियों केहस्ताक्षर कर विज्ञप्ति को जारी किया गया। वहीं सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह और सपा महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी का कहना है कि मामूली कहासुनी हुई थी, पार्टी को बदनाम करने के लिए इस तरह की बातें की जा रही हैं। बैठक की अध्यक्षता राजपाल सिंह और संचालन महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी ने किया। बैठक में शहर विधायक रफीक अंसारी, पूर्व विधायक प्रभूदयाल वाल्मीकि, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान, आदिल सिद्दीकी, बाहर चौहान, रिहानुद्दीन, जितेंद्र गुर्जर, सरदार मलिक आदि रहे।
जिलाध्यक्ष को हटवाने में जुटा एक गुट
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह से सपा का एक गुट नाराज है। वह उन्हें हटवाने की तैयारी में है। बुधवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव दिल्ली आ रहे हैं। उन्हें बैठक में हुई इस गतिविधि की यह कहते हुए जानकारी दी जाएगी कि जिलाध्यक्ष पार्टी को संभाल नहीं पा रहे हैं।
यह थे मीटिंग के मुख्य एजेंडे
19 जून से 29 जून तक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कठिनाइयों से संबंधित सुझाव और परिवर्तन प्रस्ताव दिए जाएंगे। निस्तारण चार जुलाई 2018 तक जिला निर्वाचन कार्यालय करेगा।
नए मतदाताओं की वोट बनवाना और सूची का निरीक्षण करना।
जनपद की सातों विधानसभा में बूथों की संख्या पर बूथ लेवल एजेंट पार्टी की तरफ से बनाना। इसकी सूची प्रदेश पार्टी कार्यालय को भेजी जानी है।
जिला एवं महानगर संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी की जिम्मेदारी विधानसभा को सेक्टरों में बांटकर प्रभारी बनाने की होगी।
24 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहण और गन्ना भुगतान के लिए समाजवादी पार्टी किसानों के साथ उनकी मदद केलिए तत्परता से आंदोलन चलाएगी।
भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जाए रहे रात्रि चौपाल को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए निंदा की गई।