मेडिकल में शिक्षकों की होगी भरपाई, ताकि प्रभावित न हो पढ़ाई
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में रिक्त पड़े पदों पर प्रोफेसर और लेक्चरर की भरपाई की जाएगी, तकि भावी चिकित्सकों की पढ़ाई प्रभावित न हो। दरअसल, मेडिकल कॉलेजों में बड़े पैमाने पर पद खाली पड़े हैं। यह मामला लखनऊ तक गूंजा तो शासन ने 16 मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजा है और उनसे रिक्त पदों का पूरा ब्योरा मांगा है। मुख्यमंत्री खुद इस संबंध में समीक्षा बैठक करेंगे।
जिन 16 मेडिकल कॉलेजों को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की तरफ से पत्र भेजा गया है, उनमें मेडिकल कॉलेज मेरठ, आगरा, कानपुर, इलाहाबाद, झांसी, गोरखपुर, कन्नौज, जालौन, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, बांदा और बदायूं हैं। इनके अलावा कानपुर के हृदय रोग/जेके कैंसर संस्थान, झांसी पैरा मेडिकल कॉलेज के निदेशक एवं कानपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रधानाचार्य शामिल हैं। मेरठ के मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से काफी पद खाली चल रहे हैं।
मेडिकल में 43 प्रवक्ता-सहायक प्रवक्ता की कमी
मेरठ मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और लेक्चरर के43 पद खाली हैं। ऐसे में यहां पढ़ाई का संकट है। इन पदों की संविदा के जरिए भरपाई की जा रही है। यहां प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और लेक्चरर के 172 पद हैं, जिनमें से सिर्फ 129 पद ही भरे हुए हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में करीब 1300 स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें तकरीबन 750 एमबीबीएस, 150 पीजी (एमडी-एमएस), 200 नर्सिंग और 200 पैरा मेडिकल केहैं।
मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की कमी है, इसे दूर करने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में शासन द्वारा मांगी गई सूचना के तहत उन्हें रिक्त पड़े पदों की सूचना भेज दी गई है। - डॉ. दिनेश राणा, उप अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज