पीएम का संबोधन, किसी ने सुना, किसी ने कर दिया अनसुना
मेरठ। स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए गए व्याख्यान के 125 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश के युवाओं को संबोधित किया। कार्यक्रम की पूर्व सूचना देते हुए यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से कहा था कि वह शिक्षण संस्थानों में पीएम का संबोधन लाइव दिखाने और सुनाने की व्यवस्था करेंगे। लेकिन कुछ ही कॉलेजों ने पीएम का संबोधन सुनने की व्यवस्था की। मेरठ कॉलेज में पीएम का संबोधन नहीं दिखाया गया।
सीसीएसयू के नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में पीएम का संबोधन लाइव दिखाया गया। सुबह 11 बजे हुए संबोधन में पीएम ने कहा स्वामी विवेकानंद अपनी बातों के दो रूप प्रस्तुत करते थे। जब वह देश के बाहर होते थे तो देश की परंपरा, सभ्यता, संस्कृति, एकरूपता और सकारात्मक पक्ष रखते थे। जब देश के अंदर होते थे तो वह यहां सामाजिक बुराइयों को प्रबल तरीके से उठाते थे। अमेरिका 125 साल पहले 9/11 के भाषण को याद रखता तो 2001 का 9/11 न हुआ होता। एक घंटे पीएम का संबोधन हुआ। इसके बाद कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा हमें सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। देश की महान परंपरा को याद करते हुए उससे प्रेरणा लेकर अत्याधुनिक युग के अनुसार खुद को बदलना होगा। पीएम का संबोधन सुनने के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में छात्रों और शिक्षकों की भीड़ रही। उधर, विवि ने कॉलेजों को भी संबोधन सुनने की व्यवस्था करने को कहा था। कई कॉलेजों ने यह बात अनसुनी कर दी। अपने यहां उन्होंने कार्यक्रम नहीं किया। वहीं एनएएस डिग्री कॉलेज के सभागार में पीएम का संबोधन सुनने की व्यवस्था की गई थी। शिक्षक, छात्र-छात्राएं और कर्मचारियों ने संबोधन सुना। कार्यक्रम का आयोजन करियर काउंसिलिंग सेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में डॉ. गुंजन शर्मा, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. सविता तनेजा, डॉ. देवेश चंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे। इसके अलावा डीएन, आरजी, इस्माईल डिग्री कॉलेज में भी पीएम के संबोधन सुनने की व्यवस्था की गई थी।
खास बात
मेरठ कॉलेज समेत कई शिक्षण संस्थानों ने नहीं किया निर्देश का पालन
सीसीएसयू के नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में दिखाया गया लाइव