फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: 100 फीसदी स्वकर प्रणाली लागू होगी, स्वयं बताएं कितना गृहकर लगाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। जीआईएस सर्वे के आधार पर 90 वार्डों में 4.49 लाख भवनों पर गृहकर वृद्धि करने पर भाजपा के पार्षद और निगम अधिकारी आमने-सामने हैं। पार्षदों ने सांसद अरुण गोविल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया को ज्ञापन देकर चेतावनी दी कि नया गृहकर लागू होगा तो आंदोलन करेंगे। पार्षदों के साथ आम जनता भी गृहकर के विरोध में उतर गए। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि 100 फीसदी स्व कर प्रणाली लागू होगी। जिसमें स्वयं भवन स्वामी संपत्ति के अभिलेख संलग्न कर प्रपत्र दें, जिस पर गृहकर लगेगा। भवन स्वामियों को स्वकर प्रपत्र आसानी से उपलब्ध कराने के लिए निगम में कार्ययोजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन


महानगर में 90 वार्डों का जीआईएस सर्वे हो चुका, जिसके आधार पर नगर निगम ने गृहकर में वृद्धि की। जीआईएस में 2.26 लाख नये भवन मिले, जिन पर गृहकर नहीं लगा था। बिना भौगोलिक सत्यापन और निगम के सदन में पास किए बगैर शहर के समस्त 4.49 लाख भवनों पर गृहकर वृद्धि लागू कर दी। जिस पर महापौर और भाजपा के पार्षदों ने आपत्ति कर दी है। भाजपा पार्षद अनुज वशिष्ठ, प्रवीण अरोड़ा, अजय चंद्रा, संदीप रेवड़ी, कुलदीप वाल्मीकि और अरुण मचल समेत भाजपा पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए नये गृहकर को निरस्त करने की मांग सांसद और महापौर से की है।
चार दिन से मामला गर्माया हुआ है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर गृहकर लागू करने की जिद पर निगम अधिकारी अड़े है, जिसके विरोध में भाजपा के ही पार्षद है। नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा ने बताया कि गृहकर लगाना अनिवार्य है। आमजन को सुविधा देने के लिए निगम 100 फीसदी स्वकर प्रणाली लागू करेगा। जिसमें भवन स्वामी स्वयं अपनी संपत्ति के अभिलेख को संग्लन करने के लिए स्वकर प्रपत्र दें। जीआईएस सर्वे ने जिन नये 2.26 लाख भवन को ढूंढ़ा है, उनके भवन स्वामी को प्रपत्र देंगे। स्वकर प्रपत्र उपलब्ध आसानी से कराने के लिए निगम ने पूरी तैयारी कर ली।
विज्ञापन



ये कैसा सर्वे...कॉलोनी तक छूट गई
राज्य सरकार द्वारा नामित संस्था द्वारा जीआईएस सर्वे हुआ है। जिसमें करोड़ों रुपया सरकार का खर्च हुआ है। जिसको लेकर अब सर्वे पर सवाल उठ रहे हैं। सर्वे के बावजूद भी शहर की कई कॉलोनी ऐसी है, जिस पर गृहकर नहीं लगा है। थापरनगर में 15 फ्लैट बने हैं, जिन पर गृहकर नहीं लगा। उन फ्लैट में रहने वाले लोग निगम में शुक्रवार को पहुंचे और गृहकर लगाने की मांग की। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया है कि रोजाना लोगों के फोन आते हैं कि उनके मकान पर गृहकर लगवा दीजिए। जीआईएस सर्वे में एक मकान ही नहीं, कॉलोनी तक छूट गई। इसके बावजूद जीआईएस सर्वे की रिपोर्ट पर निगम ने 90 वार्डों में गृहकर में वृद्धि कैसे कर दी है। निगम को पहले भौगोलिक सत्यापन कर निगम के सदन में प्रस्ताव पास कराना होगा, तभी गृहकर लागू होने देंगे।

-
गृहकर में स्वकर प्रणाली लागू कराएंगे। पहले नए भवनों पर गृहकर लगेगा और उसके बाद वृद्धि पर चर्चा करेंगे। निगम के सदन में पास कराए बगैर गृहकर नहीं लगने देंगे। पार्षदों ने सांसद अरुण गोविल को भी शिकायत पत्र दिया है। निगम के अधिकारियों से बातचीत करेंगे। निगम की बैठक जल्द होगी और उसमें गृहकर को लेकर बातचीत होगी।
विज्ञापन

हरिकांत अहलूवालिया, महापौर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें