बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अलग तेलंगाना राज्य के गठन के केंद्र सरकार के फैसले को देर से लिया गया सही कदम बताया है।
इसके साथ ही उन्होंने यूपी को चार हिस्सों में बांटने की अपनी पुरानी मांग बुलंद कर दी है। मायावती ने महाराष्ट्र में विदर्भ और पश्चिम बंगाल में गोरखालैंड राज्य के भी गठन की मांग की है।
मायावती ने बुधवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब जबकि केंद्र सरकार अलग तेलंगाना राज्य का गठन करने जा रही है, ऐसे में उसे बडे़ राज्यों का पुनर्गठन करते हुए यूपी में पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी प्रदेश व अवध राज्य के साथ पश्चिम बंगाल में गोरखालैंड और महाराष्ट्र में विदर्भ राज्य बनाने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बसपा शुरू से ही ‘एक भाषा-एक राज्य’ के सिद्धांत पर छोटे राज्य व अन्य छोटी प्रशासनिक इकाइयों की पक्षधर रही है।
बसपा शासन में उत्तराखंड राज्य बनने के बावजूद जनहित में आबादी के हिसाब से सबसे बड़े राज्य को चार अलग छोटे राज्यों में बनाने का कैबिनेट और राज्य विधानसभा से प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजा गया। मगर केंद्र ने इस प्रस्ताव पर कुछ नहीं किया।
यूपी के दबदबे से ज्यादा विकास की जरूरत
राज्य के पुनर्गठन से 80 लोकसभा सीटों वाले प्रदेश की राष्ट्रीय स्तर पर हनक कम होने से जुड़े सवाल पर मायावती ने कहा कि प्रदेश की हनक व इसके दबदबे से ज्यादा हमें जनता के हित का ख्याल रखना है।
ऐसे में यूपी को पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व अवध में विभाजित कर छोटे राज्य बनाने के यूपी के प्रस्ताव पर केंद्र को तेजी से प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
मायावती ने यूपी के बंटवारे की वकालत कर रहे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह पर भी निशाना साधा। बसपा सुप्रीमो ने अजीत सिंह का बिना नाम लिए हुए कहा कि जो लोग केंद्र सरकार में मंत्री बने हुए हैं उन्हें यूपी के पुनर्गठन के मामले में केवल हवाई बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
'किसी कीमत पर नहीं बंटने देंगे यूपी'
समाजवादी पार्टी राज्य के विभाजन के पक्ष में नहीं है। हम पूर्ण बहुमत से सरकार में हैं। हम किसी कीमत पर उत्तर प्रदेश को बंटने नहीं देंगे। सपा सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में कहीं भी किसी राज्य के बंटवारे के पक्ष में नहीं हैं। सपा के रहते उत्तर प्रदेश का कोई बंटवारा नहीं कर सकेगा।- शिवपाल सिंह यादव वरिष्ठ सपा नेता और मंत्री