मऊ। वासंतिक नवरात्र की अष्टमी को दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना की गई। नगर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने तड़के से ही मां का पूजन अर्चन आरती शुरू कर दिया जो दिन भर चलता रहा।
अधिकांश श्रद्धालुओं ने महाअष्टमी का व्रत रखा। देवी के पूजन से श्रद्धालुओं और साधकों को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। ऐसा हमारे धर्मग्रंथों में कहा गया है। लोगों ने देवी मंदिरों में पहुंचकर मां महागौरी की आराधना की, उन्हें नारियल फूल चुनरी चढ़ाया, देवी सूक्त का पाठ किया और जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा प्रार्थना किया। दुर्गा सप्तसती का नियमित पाठ करने बहुत से साधकों ने आज संपूर्ण अध्यायों का पाठ पूरा कर लिया। उधर घरों में गृहिणियों ने आज शाम को कलश स्थापना करके पूजन अर्चन किया। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने काली मंदिरों पर पहुंचकर कड़ाही चढ़ाई और देवी का पूजन अर्चन किया। इधर जिला मुख्यालय के सभी देवी मंदिरों में कोविड गाइड लाइन का अनुपालन करते हुए श्रद्धालुओं ने देवी की पूजा किया। जनपद के प्रमुख मंदिर शीतलाधाम और मां वनदेवी धाम पहुंचकर श्रद्धालुओं ने मत्थे टेके। रोडवेज और मुंशीपुरा स्थित देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां को पुष्प, चुनरी, नारियल भेंट किया। प्रार्थना और आरती में भाग लिया मां के जयकारे लगाए। बुधवार को नवरात्र के आखिरी दिन मां का पूजन अर्चन करके व्रत रहते हुए साधक जन हवन करेंगे।