मधुबन तहसील के देवारा इलाके की सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए स्वीकृति तो मिली, लेकिन मजदूर नहीं मिलने से काम पूरा नहीं हो पा रहा है। नरहा घाट से धर्मपुर हाता मार्ग पर कुछ दूर तक गिट्टी बिछाने के बाद मजदूर काम छोड़कर चले गए, जिसके चलते निर्माण कार्य रुक गया।
सड़क किनारे रखी और सड़क पर बिछाई गई बड़ी गिट्टियों पर चलना राहगीरों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। कुछ स्थानों पर गिट्टी डंप होने से चार पहिया और सवारी वाहन नहीं गुजर पा रहे हैं। गिट्टियों पर फिसलने से आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।
क्षेत्र के हरकेश यादव, मुन्ना यादव (प्रबंधक), हरेराम यादव, सुनील मौर्य, राहुल, ओमप्रकाश (सरपंच) आदि लोगों ने बताया कि देवारा क्षेत्र की यह 2.5 किमी सड़क हर साल बाढ़ के पानी में दो माह तक जलमग्न रहती है। इसके चलते पांच साल पहले इसकी पिच पूरी तरह उखड़ गई थी।
क्षेत्रीय लोग जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से हर साल सड़क दुरुस्त कराने की मांग करते रहे, लेकिन किसी का इस पर ध्यान नहीं गया। लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड के प्रस्ताव पर सड़क की विशेष मरम्मत की स्वीकृति मिली।
दो माह पहले ठेकेदार ने काम शुरू कराया और गिट्टियां बिछाईं। कुछ दिन काम बंद रहने के बाद दोबारा शुरू हुआ, फिर बंद हो गया। सड़क किनारे डंप की गई गिट्टियों से सड़क संकरी हो गई है।
निर्माण खंड के अवर अभियंता शरद यादव ने बताया कि मजदूरों की एक टीम काम छोड़कर चली गई है, जिसके चलते काम बंद है। मजदूरों के आने पर काम दोबारा शुरू होगा।