नगर के बाल निकेतन स्थित जिला महिला अस्पताल पर तालाबंदी कर प्रदर्शन करते कर्मचारी और चिकित्सक।
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दो माह से वेतन नहीं मिलने से आजिज आए महिला अस्पताल के कर्मचारियों ने मंगलवार को अस्पताल पर ताला जड़ दिया और कार्य बहिष्कार कर चिकित्सकीय कार्य ठप कर दिया। अस्पताल में दुर्व्यवस्था के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों के तेवर देखकर प्रशासनिक अधिकारी भी हरकत में आ गए। डीएम ने वेतन लंबित होने के लिए एडी हेल्थ को फटकार लगाई और सिटी मजिस्ट्रेट और सीएमओ को मौके पर भेजा।
जिन्होंने आंदोलित कर्मचारियों से वार्ता की और प्रभारी सीएमएस को वित्तीय प्रभार सौंपने के लिए कहा। अपर निदेशक ने वित्तीय प्रभार सौंपने के लिए प्रभारी सीएमएस को आजमगढ़ बुलाया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर चिकित्सा सुविधा बहाल कर दी। बताते चलें कि अस्पताल की सीएमएस रहीं डा. माधुरी सिंह का 30 मई 2018 का स्थानांतरण बलिया हो गया। स्थानांतरण होने के बाद सीएमएस 60 दिनों के लिए मेडिकल अवकाश पर चली गई।इसके बाद अस्पताल का प्रभार डा. आरके गुप्ता को सौंपा गया। लेकिन डा. गुप्ता को वित्तीय अधिकार नही दिया गया।
इसके चलते डाक्टरों सहित सभी कर्मचारियों का वेतन लंबित हो गया। संविदा कर्मचारियों को कई माह से वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। विभागीय उपेक्षा से आहत स्वास्थ्यकर्मी जिलाधिकारी, सीएमओ से लेकर एडी हेल्थ तक से गुहार लगा चुके हैं। इससे नराज कर्मचारियों ने 7 सितंबर को अस्पताल में तालाबंदी की थी। जिस पर सीएमएओ ने एक सप्ताह में वेतन भुगतान का आश्वासन दिया था। लेकिन समय सीमा गुजरने के बाद वेतन न मिलने पर मंगलवार को नाराज कर्मचारियों ने अखिलेश पांडेय के नेतृत्व में सुबह 8 बजे अस्पताल में तालाबंदी कर दी।
तालाबंदी की जानकारी मिलने पर डीएम प्रकाश बिंदु ने सिटी मजिस्ट्रेट और सीएमओ डा. सतीशंचंद्र सिंह को भेजा। अफसरों ने प्रभारी सीएमएस डा. आरके गुप्ता के सामने ही अपर निदेशक डा. नंदलाल यादव को कॉल कर उनके द्वारा वित्तीय प्रभार न दिए जाने से पैदा हुई इस स्थिति से अवगत कराया।
इसके बाद एडी ने प्रभारी सीएमएस को आजमगढ़ बुला कर उन्हें वित्तीय अधिकार दे दिए। ऐसे में अब कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रकिया शुरु कर दी गई। उधर, समस्या का समाधान होने पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दिया। लगभग डेढ़ घंटे बाद अस्पताल में काम काज सुचारु हो सका। उधर, देर शाम एडी के प्रभ्ाारी सीएमएस को वित्तीय अधिकार दिए जाने से कर्मचारियों के दो माह से वेतन भुगतान का मामला हल हो गया है। कुछ दिनों में उन्हें बकाया वेतन मिल जाएगा।