संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। विशेष जज पाॅक्सो एक्ट जनार्दन प्रसाद यादव ने मंगलवार को पांच साल पहले हत्या मामले में सुनवाई के बाद रिंकी निषाद को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। जुर्माने की संपूर्ण धनराशि मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया।
पुलिस ने हत्या के मामले में भाई रविंद्र निषाद और बहन रिंकी निषाद को आरोपी बनाया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही भाई रविंद्र निषाद की मौत हो गई थी, इसके चलते उसके विरुद्ध चल रहे मुकदमे की सुनवाई बंद कर दी गई। मामला घोसी कोतवाली का है।
अभियोजन के अनुसार पकड़ी बुजुर्ग गांव निवासी चांदनी निषाद की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप लगाई की अवैध संबंध को लेकर 15 जनवरी 2020 की शाम 6 बजे पति शोधन निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शव आलू के खेत में मिला था। पुलिस ने पकड़ी बुजुर्ग गांव निवासी रविंद्र निषाद और उसकी बहन रिंकी निषाद के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया। हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया था। बाद में पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की।