मेरा पति बाहर रहकर पढ़ाई करता हैं, उसकी गैरमौजूदगी में मेरे सास-ससुर मुझे प्रताड़ित करते हैं। मैं ऊबकर अपने मायके चली जाऊं, उसके लिए मुझे घर के बगल में बनी झोपड़ी में रखते हैं। यह गुहार रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में सदस्यों के समक्ष लगाई।
पीड़िता की बात सुनकर सदस्यों ने ससुराल पक्ष से इस संबंध में बातचीत की गई, जहां पक्का मकान होने की बात जानने पर अपनी बहु को उस मकान में रखने की हिदायत दी गई। इसी क्रम में एक दूसरे मामले में महिला ने अपने पति पर उचित देखभाल न करने का आरोप लगाया।
महिला ने बताया कि उसे मायके से जमीन मिली थी, जिसे उसने अपने निर्धन बहन को दे दिया। जिसके बाद से ही उसका पति उससे इस बात से बेहद नाराज रहता है। उसके द्वारा देखभाल करने से उसके तीन बच्चे उसके पिता के पास रह रहे हैं।
बच्चों के वर्तमान-भविष्य की चिन्ता न कर उसका पति जमीन की मालकियत पर विवाद करता है। इससे पहले चार घंटे तक चली इस बैठक में 28 मामले आए, जिसमें दस मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं, इस दौरान तीन दंपतियों ने आपसी विवाद को भुलाकर एक साथ रहने को तैयार हुए।
वहीं, 6 फाइलें पक्षकारों की उदासीनता से बंद करने का निर्णय लिया गया जबकि एक मामले में एफ आई आर दर्ज कराया गया।मामलों के निस्तारण में अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद एसआई समरजीत यादव ने सुनवाई की साथ में महिला आरक्षी पूनम पाल, करिश्मा राय सहयोगार्थ रहीं।