मऊ के बढ़ुआगोदाम में पूर्व प्रधान और प्रधानपति को स्वाट टीम द्वारा घर से जबरन उठाए जाने के विरोध ?
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बढुआ गोदाम (मऊ)। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बढुआ गोदाम गांव के पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधानपति को रविवार की सुबह एसओजी टीम पूछताछ के लिए ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज पूर्व प्रधान के परिवारीजन और सर्मथकों ने बढुआ गोदाम बाजार में गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लोगों के जाम समाप्त न करने पर पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को जबरन खदेड़ा। देर शाम छह बजे के करीब पूछताछ के बाद पुलिस ने उठाए गए पूर्व प्रधान को छोड़ दिया।
सरायलखंसी थाने के बढ़ुआ गोदाम गांव निवासी और पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान पति शैलेंद्र यादव को तीन माह पूर्व जमानत पर रिहा होकर जेल से लौटे है। परिवार के सदस्यों के अनुसार रविवार को शैलेंद्र यादव अपने घर पर खाना खा रहे थे, तभी एसओजी टीम घर पहुंची और शैलेंद्र यादव को गाड़ी में जबरी बिठाकर ले गई। परिजनों ने उनको थाने ले जाने का कारण पूछा तो एसओजी टीम कोई उत्तर नहीं दी। पुलिस की इस कार्रवाई से परिवारीजन भयभीत हो गए कि कही पुलिस उनका इनकाउंटर न कर दें।
इस पर परिवार के सदस्य गांव के शुभचिंतकों के संग बढुआ गोदाम बाजार में गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जाम लगाने वालों को बताई कि प्रधान को पूछताछ के लिए ले जाया गया है। इसके बाद भी लोगों ने जाम समाप्त नहीं किया। इस पर पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ा।
एक अपुष्ट सूचना के अनुसार प्रधान प्रतिनिधि ने शनिवार की रात जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी से उसकी मोबाइल पर बात किया था। इसकी सूचना पुलिस को लग गई। लिहाजा पुलिस पूर्व प्रधान को पूछताछ के लिए उठाई। थानाध्यक्ष सरायलखंसी निहार नंदन कुमार ने बताया कि शैलेंद्र यादव दो हत्याओं सहित दस मुकदमों में नामजद है। साथ ही थाने के टॉपटेन अपराधियों की सूची में उसका नाम अंकित है। बीते वर्ष बढुआ गोदाम बाजार में हुई आरटीआई कार्यकर्ता बाल गोविंद की हत्या में और मेडिकल स्टोर संचालक घुरहू गुप्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी है।