धान की रोपाई का समय बीतता जा रहा है, लेकिन शारदा सहायक खंड-32 नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। जरूरत के समय पानी नहीं आने से कृषि कार्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। किसानों के लिए नहर अनुपयोगी साबित हो रही है।
शारदा सहायक खंड-32 नहर दोहरीघाट पंप कैनाल पर निर्भर होकर रह गई है। शारदा सहायक खंड-32 नहर के आला अधिकारी दोहरीघाट पंप कैनाल से साप्ताहिक रोस्टर के अनुसार पानी छोड़ने का दावा कर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
शारदा सहायक खंड-32 की हालत बदतर होती जा रही है। नहर की सिंचित क्षमता मऊ-बलिया मिलाकर 52 हजार हेक्टेयर है। मुख्य नहर सहित 34 माइनर विभिन्न इलाकों से गुजरी हैं।
नहर की मड़ई बहेलिया, कवलापुर, सेनुराइच, कनियारीपुर, रइसा, फिरोजपुर, चेरुइया, कटवांस, कसारा, देईथान, करमपुर सहित दर्जनों माइनरें किसानों के लिए वरदान साबित होती थीं, लेकिन लंबे समय से सिंचाई विभाग की उदासीन कार्यप्रणाली से नहर में समयानुसार जलापूर्ति न होने के कारण किसानों को खून के आंसू बहाना पड़ रहा है।
मुख्य नहर आजमगढ़ से आती है, लेकिन शारदा नदी में पानी कम होने से पानी नहीं छोड़ा जा सका है। किसानों की मानें तो जुलाई माह चल रहा है, लेकिन नहर और माइनरों में अब तक पानी नहीं छोड़ा जा सका है। खेती भगवान भरोसे हो रही है।
दोहरीघाट पंप कैनाल चलने पर नहर से कभी-कभार पानी छोड़ा जाता है, लेकिन तली में ही पानी रहता है। जिन किसानों ने निजी संसाधनों से धान की रोपाई कराई है, सिंचाई के अभाव में फसल मुरझाने लगी है।
किसानों की शिकायत के बाद आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है। इस बाबत शारदा सहायक खंड-32 नहर के सहायक अभियंता शिवशंकर का कहना है कि शारदा नदी में पानी कम है। दोहरीघाट पंप कैनाल से नहर में साप्ताहिक रोस्टर के अनुसार पानी छोड़ा जाता है।
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नहर में पानी न आने से खेती हो रही प्रभावित
शारदा सहायक खंड-32 नहर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरी है। जुलाई माह में 14 दिन बीत गए, लेकिन अब तक नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। सिंचाई के समय जरूरत के अनुसार पानी न मिलने से तली में ही पानी रहता है।
इस संबंध में कुसुम्हा के किसान अनिल उपाध्याय, सियरही के श्रीप्रकाश राय, फसरा बुजुर्ग के भरत राय, अनिल राय, बिहटा के बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि धान की रोपाई चल रही है, लेकिन अब तक नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है।
निजी संसाधनों से धान की रोपाई करानी पड़ रही है, इससे खेती की लागत बढ़ रही है। नहर निर्माण के लिए अपनी जमीन दी, लेकिन नहर हम लोगों के लिए अनुपयोगी साबित हो रही है। विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मामले को लटका दिया गया है। संवाद
नहर में पानी न आने से गहराया संकट
बड़रांव क्षेत्र से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड-32 नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। समय पर नहर में पानी नहीं मिलने के कारण धान की रोपाई प्रभावित हो रही है।कम बारिश होने और नहर में पानी न मिलने से खेती संकट में पड़ती दिखाई दे रही है। इस संबंध में किसान जयप्रकाश सिंह पटेल, रामवृक्ष चौहान, रजनीश राय, श्रीराम राय और शुभम सिंह का कहना है कि धान की रोपाई का समय चल रहा है, लेकिन जरूरत के समय नहर में पानी ही नहीं छोड़ा जा सका है। विभागीय अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है।
कुसुम्हा स्थित शारदा सहायक खंड खान 32 नहर में नही पहुंचा पानी।संवाद