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मऊ दीवार हादसा: मलबे में दबकर मां की मौत.... फिर भी बचाई एक की जान; 12 साल के लड़के का साहस देख हर कोई हैरान

Sat, 09 Dec 2023 10:20 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मऊ

सार

मऊ में हल्दी की रस्म पूरी करने जा रही महिलाओं पर दीवार गिर गई। हादसे में दो बच्चे समेत छह की मौत हो गई। जबकि 16 गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद इन घायलों को जिला अस्पताल के अलावा दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
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मऊ दीवार हादसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी कोतवाली क्षेत्र के मदापुर समसपुर स्थित सकेरे रास्ते के पास एक खाली प्लाट की दीवार शुक्रवार की दोपहर तीन बजे अचानक ढह गई। घटना के समय ईंट की दीवार के पास से हल्दी की रस्म पूरी करने के लिए महिलाएं जा रही थीं। घटना में 23 लोग दब गए। 
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राहत कार्य के बाद दो बच्चे और चार महिलाओं की हादसे में मौत हो गई। जबकि 16 गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद इन घायलों को जिला अस्पताल के अलावा दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में मची रही अफरातफरी, घायलों को ढूंढ़ते रहे परिजन
घोसी कोतवाली के मदा समसपुर में हल्दी रस्म के दौरान दीवार गिरने के बाद हुए हादसे में घायलों के जिला अस्पताल में पहुंचने के बाद अफरातफरी का माहौल रहा। सूचना मिलने के बाद घायलों के पहुंचे परिजन अपने घायलों को ढ़ूंढ़ते रहे। जितनी एंबुलेंस पहुंच रही थी, उसमें लोग अपनों को तलाशते दिखे।
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अस्पताल के गेट से लेकर आपातकाल तक चीखती पुकारती आवाज सुनाई दे रही थी। प्रशासन के मुताबिक, घटना में कुल 23 लोग के घायल होने की जानकारी दी गई। जबकि पांच की मौत की पुष्टि की गई। हादसे में घायलों में जिला अस्पताल में पूनम शर्मा पत्नी विजय निवासी घोसी, माधव (उम्र साढ़े तीन वर्ष) पुत्र सत्यवान निवासी घोसी, चंदा चौरसिया पत्नी जयचंद चौरसिया घोसी, पूजा अग्रवाल पत्नी गोवर्धन अग्रवाल रानी की सराय आजमगढ़ का नाम पता चल सका।
 

घायलों में निर्मला, रेशमी, प्रभावती, अनन्नया, गायत्री, अनसुईया, इंद्रावती, नम्रता, रूही अग्रवाल, पुष्पा यादव हैं। सभी के परिजन रोते बिलखते अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले घायलों को जिला अस्पताल में लाया गया। फिर कुछ देर बाद तीन एंबुलेंस से पांच को लाया गया, जिनको मृत घोषित कर दिया गया। एक ने बाद में दम तोड़ दिया।
 

मां की मौत.... फिर भी बचाई एक की जान
हल्दी रस्म के दौरान जाते समय दीवार गिरने से चंदा चौरसिया की भी मौत हो गई। हादसे के वक्त उसका 12 वर्षीय बेटा रवि भी मौजूद था। महिलाओं के बीच में मां चंदा की दबकर मौके पर ही मौत हो गई। मां की मौत के बाद बेटे रवि ने वहां घायल एक महिला को दीवार के नीचे से निकाल कर उसकी जान बचाई।

रवि ने बताया कि उसका पिता मानसिक रूप से बीमार है। मां सिलाई कर परिवार का भरण पोषण करती थी। बताया कि एक बड़ा भाई है, जो घर पर ही रहता है। 12 वर्षीय लड़के के साहस को देखकर हर कोई हैरान था।

अस्पताल में नेताओं का लगा रहा जमावड़ा
घोसी की घटना के बाद जिला अस्पताल में सभी दलों के नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। मौके पर भाजपा नेता योगेंद्र नाथ राय, संताेष सिंह, घोसी के पूर्व ब्लाक प्रमुख सुजीत सिंह, घोसी विधायक सुधाकर सिंह, भाजपा जिला पंचायत सदस्य अखिलेश राजभर आदि पहुंचे थे। सभी ने घायलों व मृतक के परिजन का ढ़ांढ़स बधाया।
 
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एंबुलेंसकर्मियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
घटना के बाद घायलों को जिला अस्पताल से लेकर कई अन्य अस्पताल ले जाने में एंबुलेंस कर्मियों की सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका रही। सेवा प्रदाता कंपनी की तरफ से भी एंबुलेंस को लगा दिया गया था। चालक और ईएमटी ने घायलों को अस्पताल लाने के बाद पूरी तत्परता से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। एक तरफ जहां पुलिस घटना की जानकारी लेती रही वही एंबुलेंस कर्मी मृ़तकाें को भी मर्चरी हाउस ले जाते दिखे।
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