मऊ। जिले के महाविद्यालयों में छात्र-छात्राएं अब रोजगार देने वाले वोकेशनल कोर्स की भी पढ़ाई करेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जिले के चार महाविद्यालयों में बैचलर वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई कराने की मंजूरी दी है।
बीवोक की शुरुआत नेशनल वोकेशनल एजुकेशन क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क तथा नेशनल स्किल्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अंतर्गत हो रही है। इसका मकसद उच्च शिक्षा के जरिए छात्र-छात्राओं में कौशल का विकास करना है। यूजीसी का मानना है कि इन कोर्सेज से रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। यूजीसी ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों से बैचलर ऑफ वोकेशन (बी.वोक) कोर्स की शुरुआत के लिए प्रस्ताव मांगा था। प्रस्ताव के बाद यूजीसी से कोर्स की मान्यता मिली है। इसके तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परमहंस मिश्रा बंशराजी देवी महिला महाविद्यालय में न्यूट्रीशियन एंड हेल्थ केयर साइंस की मान्यता मिली है। एचएन महाविद्यालय पीउवाताल में रियल मैनेजमेंट एंड आईटी, पैरा मेडिकल एंड हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स की मान्यता मिली है।
वहीं रानीपुर क्षेत्र के काझा स्थित सुगवंती स्मारक पीजी कालेज में रियल मैनेटमेंट एंड आईटी, पैरा मेडिकल एंड हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन में मान्यता मिली है। इस संबंध में महाविद्यालय के प्रबंधक अजय कुमार सिंह का कहना है कि मान्यता मिली है। इसी सत्र में एडमशिन प्रक्रिया शुरू होगी।
मधुबन: क्षेत्र के तिनहरी स्थित श्यामा तिवारी महाविद्यालय को यूजीसी द्वारा स्किल बेस्ड एक वर्ष का न्यूट्रिशियन एंड हेल्थ केयर साइंस डिप्लोमा कोर्स की मान्यता मिली है। कालेज के डायरेक्टर संदीप तिवारी का कहना था कि कोर्स में दाखिले के लिए छात्र-छात्राओं का गृह विज्ञान या साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास होना अनिवार्य है। इस फील्ड में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के जॉब ऑप्शन मौजूद हैं।