अमिला ग्राम पंचायत अमिला में मंगलवार को राशन कोटेदार की मनमानी की शिकायत पर ग्राम प्रधान अमिला राजाराम सोनकर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कोटेदार के राशन की दुकान पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कोटेदार कली अनियमतता काफी दिनों से चलली आ रही है लेकिन अब कोटेेदार की मनमानी नही चलने देंगे। प्रदर्शनकारियों ने कोटे की दुकान को बंद करा दिया। क्षेत्र के अमिला ग्राम पंचायत स्थित खनिगह, छोटी खनिगह, गौरा, अकटहा, चौहनपुरा, सामू का पुरा के लगभग 500 कार्ड धारक कोटेदार जितेंद्र कुमार की दुकान से राशन उठाते हैं। कार्ड धारक पुष्पा ग्राम पंचायत अमिला, धर्मी देवी, गीता चौहान, माया, प्रेम शीला ,मैना ,शशि कला, भानु प्रताप, रामभवन, लालचंद ,बीरबल राम, दुलारे ,इंदर चौहान, राम शकल चौहान, बाबूलाल चौहान, गिरजा, सावित्री, वीरेंद्र, सुषमा, सावित्री, राम राम अवध सिंह, शंभू चौहान आदि ने कोटेदार पर आरोप लगाया कि राशन समय से नही देते हैं। मशीन खराब रहने और सर्वर न चलने का बहाना बना कर दौड़ाते रहते हैं। वहीं माया पत्नी स्व. रामगुलाम ने बताया कि डेढ़ वर्ष से हमारे बच्चों का नाम काट दिया गया है। राशन लेने के लिए दुकान पर आने पर बहाना करते है कि मशीन चार्ज नही है, मशीन बिगड़ी है, कल आइए, अगले दिन आने पर परसों आइए तो पुन: दूसरे दिन आइए।
गुलाबी देवी पत्नी जयकिशुन ने बताया कि उसे पांच महीने से राशन नही मिल रहा है। इस सम्बंध में ग्राम प्रधान राजाराम सोनकर ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत काफी दिनों से मिल थी थी कि दर्जनों ग्रामीणों को राशन कई महीनों से नहीं मिल रहा है । ऐसील शिकायत सुनकर मंगलवार को सुबह आया तो यहां काफी महिला पुरुष राशन के इतंजार में बैठे दिखे। कोटेदार फरार है।
उधर कोटेदार जितेंद्र कुमार ने कहा कि मैं राशन की दुकान पर 7.30 बजे से राशन बांट रहा था, उसी समय ग्राम प्रधान राजाराम सोनकर आकर उपस्थित कार्ड धारकों को भड़का कर शोर मचाने लगे और दुकान बंद करा दिए। कोटेदार ने कहा कि प्रधान मुझको बार बार अपने घर बुलाते हैं। प्रधान ने राशन की मांग किया तो मजूबरन दो बोरा गेंहू व चावल उनके घर पहुंचाया। उधर इस संबंध में एसडीएम सीएल सोनकर ने कहा कि मेरे पास शिकायती पत्र आएगा तो जांच कराकर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।