मऊ। जिले में संक्रमण की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग कवायद में जुट गया है। विभाग ने जिले की सभी सीएचसी पर दस दस आक्सीजन ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर भेजने के साथ चार सीएचसी को एल-1 प्लस के रूप में चिह्नित किया है। जिससे संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने पर उन्हें उपचार के लिए बेड की कमी न हो। वर्तमान में जिले में एल-1 के रूप में केवल 100 बेड अस्पताल की उपलब्धता है। ऐसे में चार सीएचसी के एल-वन प्लस रूप में चिह्नित होने से 40 बेड की उपलब्धता और बढ़ेगी। इससे संक्रमण की स्थिति मेें दूसरी लहर की तरह अस्पतालों में हुई बेड की कमी की समस्या से नहीं जूझना होगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि जिले में तीसरी संक्रमण की संभावना को देखते हुए युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में तीन बाल रोग विशेषज्ञों को विशेष प्रशिक्षण देने का कार्य पूूरा किया जा चुका है। साथ ही अब जिले में संक्रमण की स्थिति में उपचार के लिए पहले से चिह्नित 100 बेड के एल-1 अस्पताल के साथ चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट, रतनपुरा, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना को एल-प्लस में चिहिन्त किया जा रहा है।
शासन से मिले 90 कंसन्ट्रेटर को इन केंद्रों केे अलावा सभी नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा जा चुका है। बोले कि तीसरी लहर में संक्रमण का खतरा बढ़ने पर इन अस्पतालों को एल-वन प्लस के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा। जहां संक्रमित मरीजों को रखकर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा उपचार किया जा सकेगा। बताया कि संक्रमण की तीसरी लहर की संभावना को लेकर हर स्तर से तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में एल-2 अस्पताल परदहां में बेड़ की क्षमता को भी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में यहां 50 बेड की क्षमता है, जिसे बढ़ाकर 70 से 80 तक किया जा सकता है।