गेहूं-धान की खेती में जहां किसान प्राकृतिक आपदा का कहर झेल रहे हैं। वहीं कई इलाकों के किसान सब्जी की खेती से मौसम की बेरुखी को मात दे रहे हैं। तहसील क्षेत्र के ककराडीह के किसान राम आशीष मौर्य को लौकी उत्पादन में जिले में रिकार्ड बनाने पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
कटघरा शंकर स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। सीजन के अनुसार किसान सब्जी की खेती करके लाखों रुपये आमदनी करके अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई के साथ अच्छी जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। शादी विवाह के अवसर पर सब्जियों के अच्छे दाम मिलने से सब्जी की फसल किसानों में खुशहाली लाने का काम कर रही है।
विकास खंड फतेहपुर मंडाव अंतर्गत ककराडीह, नरायनपुर, खिरिकोठा, नेवादा, बहरामपुर, पलिया, पांति, कटघरा शंकर, कुतुबपुर, हसनपुर, गोंठबारी, बहादुरपुर, नत्थूपुर, अहिरौली, रमऊपुर आदि ग्राम सभाओं के किसान सब्जी की मौसमी खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे है। खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से मिल रही सब्सिडी भी उन्हें इस ओर आकर्षित कर रही है।
वर्तमान में सब्जी खुले बाजार में भिंडी, लौकी, करैली आदि सीजनल सब्जी बाजार में 40 रुपये तो हरी मिर्चा 60, परवल 40, हरा प्याज 16 रुपये किलो बिक रहा है। इस भीषण गर्मी में यही सब्जी खाने में अनुकूल हैं। कृष्णानंद पटेल, विष्णु पांडेय, व्यास का कहना है कि पालक, चौराई, मूली, गाजर, खीरा, ककड़ी आदि की फसल लाभदायक साबित हो रही है। पिछले कुछ सालों में किसानों ने सब्जी की फसल को अपनाकर एक मिसाल कायम की है।
ककराडीह के किसान राम आशीष मौर्य ने वर्ष 2014 में एक हेक्टेयर में 245 कुंतल लौकी का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन कर जिले में रिकार्ड बनाया था। जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी और कृषि उपनिदेशक आशुतोष मिश्रा ने सम्मानित किया था। धीरे-धीरे सब्जी की खेती के मामले में इस क्षेत्र की ख्याति बढ़ने से अब कटघरा शंकर मोड़ पर क्षेत्र के अलावा सिकन्दरपुर, मऊ, सलेमपुर, देवरिया, घोसी, बड़हलगंज, दोहरीघाट आदि जगहों के सैकड़ों सब्जी विक्रेता अपनी सब्जी यही से ले जाकर मुनाफा कमा रहे हैं।