रतनपुरा ब्लॉक मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
तीन जनपदों के बॉर्डर पर स्थित रतनपुरा बाजार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना होने पर 77 गांवों के लोगों को बेहतर इलाज की आस जगी थी, लेकिन यहां सुविधाएं नदारद रहने से लोगों के सपनों पर ग्रहण लग गया है।
अस्पताल में रोजाना ओपीडी में लगभग 100 मरीज आते हैं। यहां सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं की जा सकी है।
अस्पताल में प्रभारी सहित चार और एक संविदा महिला चिकित्सक तैनात हैं। महिला चिकित्सक सिर्फ ओपीडी में ही बैठती हैं।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने के कारण गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को मजबूरन या तो निजी अस्पताल या 22 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
रामसेवक, संतोष कुमार सिंह, अमर चौरसिया, सनेही यादव, विवेक सिंह, शिवराज सिंह, जयशंकर सिंह, रामप्रकाश ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. डीके सिंह का कहना है कि एक सर्जन की तैनाती हुई है। शेष की तैनाती के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।