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बच्चों के अभिभावकों के खाते में जाएगी यूनिफार्म की धनराशि:

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मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों मेें अध्ययनरत बच्चों को अब निशुल्क दो सेट यूनिफार्म समय से मिल सकेगा। ड्रेस वितरण योजना को पारदर्शी बनाने के लिए शासन की तरफ से नई व्यवस्था शुरू की गई है। ड्रेस की धनराशि बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी। इससे लगभग 1.56 लाख बच्चों को फायदा मिलेगा। इसके लिए विभाग की तरफ से विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की खाता संख्या के साथ सूची तैयार की जा रही है। प्रक्रिया को अमली जामा पहनान के लिए अधिकारियों तथा शिक्षकों को ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया चल रही है।
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जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.56 लाख बच्चे अध्ययनत हैं। शासन की तरफ से प्रतिवर्ष बच्चों को नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म दिया जाता है। जब से यूनिफार्म वितरण की व्यवस्था शुरू हुई है तभी से इसमें गड़बड़ी को लेकर उंगलियां उठती रही है। कई बार ड्रेस आदि के वितरण में काफी देरी भी हो जाती थी। आए दिन नाप या क्वालिटी को लेकर अभिभावक शिकायत करते रहते थे। इतना ही नहीं, बच्चों की ड्रेस कभी छोटी या फिर बड़ी बन जाती थी।
योजना को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने अब बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में दो सेट यूनिफार्म की धनराशि 600 रुपया सीधे भेजने का फैसला लिया है। अभिभावकों की जिम्मेदारी होगी कि वह उस धनराशि से अपने बच्चों की समय से ड्रेस बनवाएंगे। इसके लिएविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की खाता संख्या के साथ सूची तैयार की जा रही है। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों का सत्यापन करने के लिए अधिकारियों तथा शिक्षकों को ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया चल रही है।
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इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि छात्र-छात्राओं की यूनिफार्म की धनराशि अभिभावकों के खाते में जाने से वे अपनी पसंद से बच्चों की ड्रेस खरीद सकेंगे। इससे नाप या क्वालिटी को लेकर शिकायत भी नहीं रहेगी। इसके लिए अभिभावकों की खाता संख्या के साथ सूची तैयार कराई जा रही है।
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