तेज धूप और गर्मी के बीच कोचिंग से घर जातीं छात्राएं।
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गर्मी का प्रकोप चरम सीमा पर है। तेजी से बढ़ रहा तापमान आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करने लगा है। गर्म हवाओं के थपेड़ों से जन जीवन बेहाल उठा है। लोग गर्मी से राहत के लिए तरह तरह के विकल्प तलाशने लगे हैं।
बुधवार की दोपहर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इस दौरान 13 किमी / घंटा की रफ्तार से लू चलने से लोग बेहाल रहे। तापमान में वृद्धि जारी रहने से जिले के अधिकांश पोखरों में पानी ही नहीं है। दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध माइनरों में पानी ही नहीं है। शारदा सहायक खंड में धूल ही उड़ रही है। भूगर्म जल स्तर नीचे खिसकने से इंडिया मार्क टू हैंडपंपों से भी नाम मात्र पानी निकल रहा है। ऐसे में पानी के लिए पशु पक्षी इधर उधर भटकते देखे जा रहे हैं।
गर्मी से बचने के लिए लोग दोपहर में घर और आफिसों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। लड़कियां व महिलाएं धूप से बचने के लिए मुंह को ढ़ककर या छतरी लगाकर चल रही हैं। दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा जा रहा है।
धूप से बचने केलिए लोग छांव की तलाश कर रहे हैं। जिन बाजारों में हमेशा चहल पहल रह रही है। दोपहर होते ही सूनसान हो जा रहा है। दुकानदार भी आधा शटर गिराकर आराम फरमाने लग जा रहे हैं। उधर, गर्मी के मद्देनजर नगर सहित जिले के विभिन्न बाजारों में शीतल पेय पदार्थो की दुकानें सज गई हैं। लोग गर्मी से बचने के लिए सत्तू, बेल का शर्बत, आम का पन्ना, तरबूजा, ककड़ी, खीरा आदि का सेवन कर गर्मी से राहत पाने का प्रयास करते देखे जा रहे हैं।