जिले मेें अघोषित कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक तो मौसम की बेरुखी और ऊपर से कटौती को लेकर लोग परेशान हैं। बिजली गुल होने से खेती किसानी के साथ ही लघु उद्योगों पर प्रभाव पड़ रहा है। बारिश न होने से जहां गर्मी व उमस के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। वहीं नगर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को परेशान कर रखा है। रात में बिजली गुल रहने से लोग चैन की नींद नहीं ले पा रहे। ग्रामीण इलाकों में पेड़ों से होकर मेन लाइन गुजरी हैं। बरसात का मौसम शुरु होने के बाद भी पेड़ों की डालियों की छंटाई तक नहीं की जा सकी है। इससे आए दिन फाल्ट होने से घंटों बिजली गुल हो रही है। बिजली गुल होने से कृषि तथा कुटीर उद्योगों पर विपरीत असर पड़ रहा है। फाल्ट तथा ट्रिपिंग से भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अजय साहू, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर का कहना है कि विद्युत उपकेंद्रों में आए दिन तकनीकी खामी तथा जर्जर तारों के चलते फाल्ट हो जा रहा। शिकायत के बाद भी जर्जर तारों को बदला नहीं जा सका है।
रतनपुरा : क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अघोषित बिजली कटौती के चलते जहां लोगों का बुरा हाल है। वहीं कृषि कार्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। बरसात का मौसम शुरू होने के बाद भी पेड़ों की डालियों को काटा नहीं जा सका है। इससे फाल्ट होने से घंटों बिजली गुल हो जा रही है। क्षेत्र के बशीर अहमद, सुग्रीव यादव, परमात्मा सिंह, संग्राम सिंह ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को चुुस्त दुरुस्त करने की मांग की हैअधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद का कहना है कि बिजली कटौती कंट्रोल रुम से हो रही है। पेड़ों के डालियों की कटाई के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास जारी है।
12 घंटे ठप रही 13 गांवों की विद्युत आपूर्ति
रानीपुर। ब्लाक मुख्यालय स्थित विद्युत उपकेंद्र के पश्चिमी फीडर में शनिवार की रात आई तकनीकी खामी के चलते कई गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप रही। इससे जहां गांवों में अंधेरा पसरा रहा। गर्मी और उमस से लोग परेशान रहें। रानीपुर विद्युत उपकेंद्र के पश्चिमी फीडर से क्षेत्र के फतेहपुर, चकिया, हकाम, कोडर, कनकपुर, पड़री, बरवा, द्वारिकपुर, पिरुआ सहित 13 गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। शनिवार की रात लगभग आठ बजे फतेहपुर गांव में लगे 63 केवीए के ट्रांसफार्मर की केबिल जल जाने के चलते फीडर में तकनीकी खामी आने के चलते विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बिजली गुल रहने के चलते जहां गर्मी व उमस से लोग परेशान रहे। सिंचाई कार्य बाधित रहा। बिजलीकर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद रविवार की सुबह विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी। इस वाबत अवर अभियंता प्रदीप कुशवाहा का कहना है कि फाल्ट को ठीक कराकर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
रात में बंद हो बिजली कटौती
मधुबन।बारिश नहीं होने और चिलचिलाती धूप से पड़ रही भीषण गर्मी ऊपर से बिजली कटौती लोगों में कोढ़ में खाज का काम कर रही है।तहसील क्षेत्र में 18 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 16 घंटे बिजली मिल रही है।इस भीषण गर्मी से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।लोग गर्मी से परेशान होकर पेंडो की छांव में ठांव बनाकर किसी तरह गर्मी बिता रहे है तो किसान पानी के अभाव में धान की रोपाई नहीं कर पा रहा है।मजे की बात यह है कि नगर पंचायत मधुबन में ही बिजली का शेड्यूल कष्टदायी साबित हो रहा है।अपराह्न दो बजे से पांच बजे और रात में 11बजे से 12बजे तक बिजली कटौती की जा रही है।लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं।दशकों पुराने जर्जर तारों के टूटकर गिरते रहने से जो बिजली बाधित रहती है वह अलग है। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया, बृजेश जायसवाल, हरिशंकर जायसवाल, सभासद राजेश यादव, शिवसरन मल्ल, आलोक मल्ल, लालबहादुर मल्ल, राजेंद्र जायसवाल, गिरिजा शंकर मौर्य, सुभाष गुप्ता, रवींद्रनाथ सिंह, शिवानंद मल्ल का कहना है कि दिन और रात की कटौती में परिवर्तन कर दिन में या भोर में ही रोस्टिंग किया जाए।