दोहरीघाट के अहिरानी के अकटहिया गांव में शव पहुंचने पर शोकाकुल परिजन, जुटी भीड़। संवाद
अमिला, मऊ। घोसी कोतवाली क्षेत्र के दो अलग-अलग गांव के दो ट्रक चालकों की पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि 52 वर्षीय रामा चौहान और 40 वर्षीय हिमांशु राजभर की ढाबे पर खाना खाने के कुछ देर बाद ही तबीयत बिगड़ने लगी। मुंह से झाग निकलने लगा। जब पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया तो कुछ देर में ही दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। वहीं दार्जिलिंग की पुलिस ने कहा कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक मौत के कारणों के बारे में नहीं बता सकते।
दोनों का शव सोमवार को उनके गांव पहुंचते ही गांव में मातम पसर गया है। दोनों का अंतिम संस्कार दोहरीघाट मुक्तिधाम पर किया गया। दोहरीघाट के अहिरानी बुजुर्ग निवासी रामा और अमिला नगर पंचायत के अकटहिया निवासी हिमांशु ट्रक चालक थे। दोनों पांच दिन पहले गोरखपुर से गेहूं लेकर पश्चिम बंगाल के लिए निकले थे। परिजनों ने बताया कि 7 नवंबर को दार्जिलिंग में हाईवे पर टोल नाके के पास ट्रक खड़ा करके दोनों ढाबे पर खाना खाने गए थे। खाना खाने बाद संदिग्ध परिस्थितियों में दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। ढाबे पर माैजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान पहले रामा चौहान और कुछ देर बाद हिमांशु की भी मौत हो गई। मौके पर मिले शवों पर बाहरी चोट के निशान नहीं थे।
-
इनसेट
बार-बार बेहोश होती रहीं महिलाएं
सोमवार सुबह जैसे ही दोनों का शव गांव पहुंचा, घरों में कोहराम मच गया। रामा के तीन बेटे और दो बेटियां रो-रोकर बेहाल हो गईं। वहीं हिमांशु के परिवार दो बेटे बेसहारा हो गए। दोनों परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनकी मौत के बाद परिजनों के सामने रोजी रोटी का संकट हो गया।हिमांशु के बेटे राजेश ने बताया कि वह घर बनाने के लिए पैसे की बात करने के लिए फोन कर रहा था, तभी किसी अंजान व्यक्ति ने फोन उठाकर उनके मौत की जानकारी दी। जब हम वहां पहुंचे तो दोनों बेहोशी की हालत में थे।