पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मंगलवार की दोपहर मऊ जंक्शन के रामलीला मैदान से दो तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से झोले में रखा गया 18 किलो चरस बरामद किया। इनकी कीमत करीब नौ करोड़ आंकी गई है।
तस्कर इसे नेपाल से लेकर पहुंचे थे। यह खेप मऊ से उत्तराखंड पहुंचानी थी। जिले में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में चरस बरामद हुई है। प्रेसवार्ता में एसपी इलामारन जी ने बताया कि काशी एक्सप्रेस में बम की सूचना पर पुलिस टीम जंक्शन पर अलर्ट मोड पर मंगलवार की सुबह चेकिंग कर रही थी।
इस दौरान सूचना मिली चरस की एक बड़ी खेप लेकर रामलीला मैदान के पास दो तस्कर खड़े हैं। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल अनिल सिंह, एसओजी प्रभारी मनोज सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने दबिश दी। वहां से मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी इमाम अली और पश्चिम बंगाल के मोसीरहट निवासी नाजमा को पकड़ा। नजमा के थैले से पांच किलो .75 ग्राम और इमाम अली के पास से 12 किलो 74 ग्राम चरस बरामद की गई। बताया कि बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 9 करोड़ है।
2017 में जेल जा चुका है इमाम अली
एसपी ने बताया कि पकड़ा गया तस्कर इमाम एक शातिर किस्म के अपराधी हैं जो नशीले पदार्थों/ चरस की तस्करी करता हैं। पूछताछ में दोनों तस्करों ने बताया कि वह तस्करी के लिए ट्रेन की यात्रा को प्राथमिकता देते हैं। बताया कि नेपाल से वह यह खेप तस्करी के लिए मुरादाबाद और उत्तराखंड में पहुंचाना था। पूछताछ में बताया कि वह दो बार तस्करी करने में सफल भी रहा। वहीं 2017 में वह तस्करी के मामले में जेल भी जा चुका है।
छह महीने में पुलिस ने दूसरी खेप बरामद की
शहर कोतवाली पुलिस और एसटीएफ की टीम ने जून 2025 में तीन करोड़ रुपये कीमत का 12.50 क्विंटल गांजा बरामद किया था।तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए नीयत से एक ट्रक को आर्मी के ट्रक का रूप देकर गाजा की तस्करी करने की योजना तस्करों ने बनाई थी, लेकिन संयुक्त टीम ने शहर कोतवाली के तालीमुद्दीन इंटर काॅलेज के पास ट्रक को पकड़ लिया था।