कोपागंज। शव दफनाने को लेकर कोपागंज-चमनरोड स्थित कब्रिस्तान पर एक ही समुदाय के दो पक्ष रविवार को आमने-सामने आ गए। एक पक्ष शव को दफनाना चाह रहा था जबकि दूसरा पक्ष अपना क्रबिस्तान बताते हुए उसका विरोध कर रहा था। सूचना पर मयफोर्स पहुंचे अधिकारियों ने दोनों पक्षो से वार्ता करने के बाद मामले का हल निकाला। आखिरकार तीन घंटे बाद कब्र की खुदाई शुरू हुई और बाद नमाजे इशा शव को दफन किया गया। मामले के स्थाई निदान के लिए 26 फरवरी को प्रशासन की मौजूदगी में द्विपक्षीय वार्ता का निर्णय लिया गया।
कोपागंज के गाड़ा स्थित क्रबिस्तान में शव दफनाने को लेकर वर्षो से शिया सुन्नी के बीच विवाद चला आ रहा है। रविवार की सुबह कस्वे के फुलेलपुरा स्थित 80 वर्षीय जाहूर मासूम पुत्र मोहम्मद की मौत हो गयी तो परिजन उसी क्रबिस्तान में शव दफनाने के लिए कब्र खोद रहे थे। जानकारी होते ही दूसरे पक्ष के लोग इसका विरोध करने लगे। इसकी जानकारी शिया वर्ग ने पुलिस प्रशासन को दी । सूचना मिलते ही कोतवाल अखिलेश कुमार जिले के उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना देते हुए मय फोर्स मौके पर पहुँच गये और दोनों ही पक्षो से बात करने में जुट गए। लेकिन घण्टो वार्ता करने के बाद भी दोनों पक्ष अपनी अपनी जिद पर अड़े थे।
तीन घण्टे के बाद उपजिलाधिकारी सदर अंकुर लाठर, सीओ सीटी आलोक कुमार जायसवाल, तहसीलदार मिथिलेश त्रिपाठी, नायब तहसीलदार सर्वेश सिंह मौके पर पहुँच गये और दोनों पक्षो से वार्ता की। उच्चाधिकारियों की घण्टो मशक्कत के बाद मामले के स्थाई हल के लिए 26 फरवरी को तिथि निर्धारित करते हुए बीच का रास्ता अधिकारियों ने निकाला जिसपर दोनों ही पक्ष सहमत हो गए। फिर कब्र की खुदाई शुरू हुई और इशा की नमाज के बाद शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया।